हिमाचल प्रदेश

जन्म और मृत्यु पंजीकरण का 100 प्रतिशत पंजीकरण करें सुनिश्चित : उपायुक्त कश्यप

शिमला में हुई अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक

शिमला।

जन्म और मृत्यु इंसान के जीवन के महत्वपूर्ण घटनाएं हैं इसलिए इनका पंजीकरण बेहद जरूरी है। यह कहना है उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप का। उपायुक्त आज शिमला में जन्म और मृत्यु पंजीकरण के 100 प्रतिशत पंजीकरण को लेकर अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला के सभी खण्ड विकास अधिकारी और जमीनी स्तर पर इस कार्य में जुड़े अन्य व्यक्ति वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

उपायुक्त ने कहा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण सुशासन सूचकांक का पहला पहलू है इसलिए इस डाटा का सटीक होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में लोगों को और जागरूक किया जाए क्योंकि इन घटनाओं का सही पंजीकरण जरूरी है ताकि आगे चल कर लोगों को किसी भी कार्य में परेशानी का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि इस सम्बन्ध में जमीनी स्तर पर जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है लेकिन अभी भी रिपोर्टिंग सही तरीके से नहीं हो रही है जोकि चिंतनीय विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और इस सम्बन्ध में कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए।

विवाह पंजीकरण भी करें सुनिश्चित
उपायुक्त ने लोगों से आग्रह किया कि विवाह के पश्चात निश्चित समय अवधि के अंदर अपना विवाह पंजीकरण भी सुनिश्चित कर लें क्योंकि बाद में विवाह पंजीकरण के लिए भी लम्बी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है जिसमें समय और पैसा दोनों लगता है। इसके अतिरिक्त, अन्य लोगों को भी अपना विवाह पंजीकरण समय रहते करने के लिए प्रेरित करें ताकि उन्हें भी आगे चल कर किसी समस्या का सामना न करना पड़े।

शिमला में अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त अनुपम कश्यप। फोटो : डीपीआर

बैठक में बताया गया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के माध्यम से सभी अस्पतालों में 01 जुलाई 2015 से कार्य कर रही है और इसके तहत वर्ष 2025 में कुल 569 पंजीकरण इकाई कार्यरत हैं। अगर किसी व्यक्ति को 2015 से पूर्व का डिजिटल सर्टिफिकेट चाहिए तो उसके लिए भी सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। यह भी बताया गया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण 21 दिनों के भीतर किया जाता है तो पंजीकरण निशुल्क होगा लेकिन 21 दिन से ज्यादा और 30 दिन के भीतर पंजीकरण करने पर 20 रुपए की लेट फीस लगेगी। इसी प्रकार, जन्म या मृत्यु के 30 दिन के बाद पंजीकरण करने पर 50 रुपए की लेट फीस और जिला पंजीयक की स्वीकृति के साथ अन्य दस्तावेज की जरूरत होगी। एक वर्ष से अधिक समय के बाद पंजीकरण करने पर 100 रुपए लेट फीस और आवश्यक दस्तावेज लगाने जरूरी हैं।

परिवार रजिस्टर के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र नहीं है मान्य
बैठक में बताया गया कि परिवार रजिस्टर के आधार पर जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र मान्य नहीं है। सभी सम्बंधित अधिकारियों को जन्म रजिस्टर के आधार पर ही जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि जारी प्रमाणपत्र सरकार द्वारा स्वीकृत फॉर्मेट में हो।
कई संस्थानों में जन्म और मृत्यु पंजीकरण में देरी हो रही है जिसको ध्यान में रखते हुए ऐसे संस्थान के सम्बंधित अधिकारी पर देरी होने की स्थिति में सम्बंधित नियम और विनियम के तहत 1000 रुपए प्रति विलम्बित पंजीकरण के आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा।

यह है जीरो रिपोर्टिंग यूनिट
बैठक में बताया गया कि शिमला ग्रामीण, ठियोग, चौपाल, नेरवा, कोटखाई, टिक्कर, रामपुर और डोडरा क्वार की 18 पंचायतें जीरो रिपोर्टिंग रूरल रजिस्ट्रेशन यूनिट के रूप में शामिल हैं। उपायुक्त ने सभी जीरो रिपोर्टिंग यूनिट को जल्द से जल्द विलम्बित पंजीकरण सुनिश्चित करने और आगे जन्म और मृत्यु पंजीकरण साथ-साथ के दर्ज करने के निर्देश दिए ताकि इस सम्बन्ध में सही और सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी यशपाल रांटा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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