अंतरराष्ट्रीय

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा

दिल्ली

गत वर्ष पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए दंगों के मामले में बांग्लादेश में इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सर्वोच्च दंड देने का फैसला लिया है। कोर्ट ने सोमवार को शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के लिए दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुने है। सोमवार को जस्टिस मोहम्मद गोलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली आईसीटी ने फैसला सुनाया जिसका लाइव प्रसारण किया गया। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर न्याय में बाधा डालने, हत्याओं का आदेश देने और दंडात्मक हत्याओं को रोकने के लिए कदम नहीं उठाने का आरोप लगा है।

ट्रिब्यूनल के जजों ने कहा कि इसके प्रमाण है कि शेख हसीना ने स्वयं ढाका में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हेलिकॉप्टर और घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश दिया था। इसके साथ ही उनकी सरकार ने घायलों को चिकित्सा से बिह वंचित किया और पीड़ितों को झूठे नामों से अस्पताल में भर्ती कराया, उनके गोली लगने के निशान को छिपाए साथ ही एक डॉक्टर अबू सैयद को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट बदलने के लिए धमकी भी दी गई। शेख हसीना पर निहत्थे लोगों पर गोली चलवाने का भी आरोप है। कोर्ट ने अपनी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति की रिपोर्ट का भी जिक्र किया है जिसमें उस दौरान करीब 1400 लोगों की मौत हुई थी।

ज्ञात रहे कि बीते वर्ष अगस्त महीने में बांग्लादेश में छात्रों ने सरकार पर विभिन्न तरह के आरोप लगा कर हंगामा और बवाल करना शुरू कर दिया। धीरे धीरे यह बवाल हिंसा में बदल गया और आखिरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना देश छोड़ कर भारत आना पड़ा। शेख हसीना के भारत आने के बाद मोहम्मद युनुस का बांग्लादेश का अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया जिन्होंने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को बैन कर दिया है।

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सजा मिलने के बाद पीड़ित के परिवारों ने जहां ताली बजा कर स्वागत किया वहीं अब ढाका की सडकों पर एक बार फिर से बवाल शुरू हो गया है। ढाका की सडकों पर लोग उतर आये हैं और आगजनी करने लगे। हालांकि युनुस सरकार ने जगह जगह पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने का आदेश दिया है और कई जगहों पर सडकों पर आवाजाही भी रोक दी गई है।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को आईसीटी की तरफ से मौत की सजा सुनाए जाने के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब भारत उन्हें हमें सौंप दे। बांग्लादेश ने प्रत्यर्पण संधि का हवाला देते हुए भारत को न चाहते हुए भी शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंपने की बात कही है। वहीं इस मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि हमारी नजर पड़ोसी देश के पूर्व प्रधानमंत्री को सुनाये गए सजा पर है। हम पडोसी देश के सर्वोत्तम हित के लिए प्रतिबद्ध हैं और सभी हितधारकों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़े रहेंगे।

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