चिट्टा बेचने वाले शातिर नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव, 264 पंचायतें संवेदनशील श्रेणी में
राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक 19 जनवरी को

मंडी।
30 अप्रैल से पहले राज्य में पंचायत चुनाव करवाने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद निर्वाचन आयोग, पंचायती राज विभाग और सरकार ने इस स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। चिट्टे पर जोरदार प्रहार हुए राज्य सरकार यह फैसला लेने जा रही है कि चिट्टा तस्करी में संलिप्त लोग पंचायत चुनाव न लड़ पाएं। राज्य सरकार की 19 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में इसे लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है।
पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने आज बुधवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 264 ग्राम पंचायतें चिट्टे खबरनामा से संबंधी गतिविधियों के चलते संवेदनशील श्रेणी में रखी गई हैं। चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने 21 और 22 जनवरी को प्रदेश की पंचायतों में एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं आयोजित करने का फैसला लिया है।
ज्ञात रहे कि चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए 11 पुलिस कर्मियों को राज्य सरकार ने हाल ही में सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बताया जाता है कि पांच दर्जन से अधिक ऐसे सरकारी कर्मचारी भी राज्य सरकार की रॉडार पर हैं, चिट्टे से जुड़ी गतिविधियों में जिनकी संलिप्तता पाई गई है।



