सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश की स्थिति हास्यास्पद और चिंताजनक : राकेश शर्मा
कहा, हिमाचल में पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है कानून-व्यवस्था
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राकेश शर्मा ने कहा कि आज प्रदेश में स्थिति हास्यास्पद और चिंताजनक बन चुकी है। इतना ही नहीं प्रदेश में कानून-व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त से हो चुकी है। मुख्यमंत्री सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का ध्यान केवल अपने ‘मित्रों’ को कैबिनेट रैंक बांटने और परिवार के सदस्यों को नौकरी व पेंशन के लाभ पहुंचाने तक सीमित रह गया है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवा हर साल एक लाख सरकारी नौकरियों की उस गारंटी के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं जो कांग्रेस ने चुनाव से पहले दी थी।
राकेश शर्मा ने कहा कि सरकार के तीन साल पूरे होने के बावजूद 10 हजार युवाओं को भी रोजगार नहीं मिल पाया है। इससे स्पष्ट होता है कि झूठी गारंटियों के सहारे जनता को ठगा गया है। सरकार की नाकामी अब साफ दिखाई दे रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की व्यवस्था अब भगवान भरोसे चल रही है।
नियुक्ति करने में सरकार नाकाम
राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति करने में नाकाम साबित हुई है और कार्यवाहक अधिकारियों के सहारे प्रदेश की पूरी व्यवस्था संभाली जा रही है। राकेश शर्मा ने तंज करते हुए कहा कि “व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर यह सरकार ‘व्यवस्था पतन’ की राह पर चल रही है। उन्होंने सुक्खू सरकार से सवाल किया कि सरकार जब नए अधिकारियों की नियुक्ति नहीं करना चाहती, तो फिर सेवानिवृत्त अधिकारियों को ऊंचे पद और रैंक क्यों दे दिए जा रहे हैं? क्या इससे प्रदेश पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नही बढ़ेगा ? उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को धोखा देकर सत्ता में आई सरकार आज अपनी गारंटियों से भाग रही है।
इन चुनावों से चेहरा हो जाएगा बेनकाब
भाजपा प्रवक्ता शर्मा ने कहा कि हर साल केंद्र से मिले हजारों करोड़ रुपए खर्च नहीं कर पाए। विकास पर ध्यान न देकर सरकार केवल केंद्र को दोष देती है। केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को जनहित की योजनाओं के लिए पैसा देती है, लेकिन सुक्खू सरकार की नीयत में खोट और विजन में कमी है. जनता के भले के लिए आने वाला पैसा जमीन पर नहीं उतरता। प्रदेश के कांग्रेस सरकार इतनी डरी हुई है कि वह पंचायती चुनावों से भी भाग रही है। कांग्रेस सरकार को ज्ञान है कि इन चुनावों से उनका चेहरा बेनकाब हो जाएगा।



