राष्ट्रीयहिमाचल प्रदेश

रेल परियोजनाओं में देरी के लिए हिमाचल सरकार जिम्मेदार : केंद्रीय रेलवे मंत्री

हिमाचल में 124 हैक्टर भूमि की जरूरत, लेकिन सरकार ने रेलवे को अभी तक दी महज 82 हैक्टर

धर्मशाला।

केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य सभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी को सदन में बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा रेलवे परियोजनाओं को भूमि ट्रांसफर करने में देरी और रेलवे परियोजनाओं में राज्य सरकार की हिस्सेदारी न देने की वजह से हिमाचल में रेलवे परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी हो रही है।

केंद्रीय रेलवे मंत्री बताया कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए हिमाचल में 124 हैक्टर भूमि की जरूरत है, लेकिन राज्य सरकार ने रेलवे को अभी तक मात्र 82 हैक्टर भूमि ही ट्रांसफर की गई है। ट्रांसफर भूमि पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस रेल परियोजना के निर्माण में हिमाचल सरकार द्वारा बिलासपुर से बेरी के बीच भूमि स्थानांतरित नहीं की गई है जिस वजह से इस परियोजना का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।

केंद्रीय रेलवे मंत्री राज्य सभा सांसद इंदु बाला गोस्वामी को सदन में बताया कि 63 किलोमीटर लम्बी भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेलवे लाइन के निर्माण कार्य की 25 प्रतिशत निर्माण लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जानी है, जबकि इस परियोजना की बाकी 75 प्रतिशत निर्माण लागत केन्द्र सरकार द्वारा वहन की जा रही है। इस परियोजना पर कुल 6753 करोड़ रुपए लागत स्वीकृत की गई है जिसमें 1617 करोड़ भूमि अधिगहण की लागत भी शामिल है। अब तक इस परियोजना पर 5,252 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं जिसमें राज्य सरकार की देनदारी 2,711 करोड़ रुपए बनती है। राज्य सरकार ने अभी तक मात्र 847 करोड़ रुपए अदा किए हैं और 1,863 करोड़ की अदायगी शेष है।

केंद्रीय रेलवे मंत्री बताया कि राज्य सरकार द्वारा अपने हिस्से की अदायगी जमा न करने से इस परियोजना के निर्माण में देरी हो रही है। केन्द्र सरकार इस परियोजना को पूरा करने के लिए वचनबद्ध है, लेकिन इसकी सफलता राज्य सरकार के सहयोग पर निर्भर करती है। वर्ष 2009-14 के बीच हिमाचल में रेलवे के ढांचागत विकास के लिए 108 करोड़ रुपए प्रदान किए गए, जबकि 2025-26 के लिए हिमाचल प्रदेश की रेल परियोजनाओं के लिए 2716 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

उन्होंने राज्य सभा सांसद सुश्री इंदु बाला गोस्वामी को सदन में बताया कि हिमाचल में रेल ढांचे के विकास के लिए 52 किलोमीटर लम्बे दौलतपुर चौक-करतोली -तलवाड़ा रेलवे लाइन का काम शुरू किया गया है। 1540 करोड़ रुपए लागत की 28 किलोमीटर लम्बी चंडीगढ़-बद्दी नई रेलवे लाइन का निर्माण कार्य शुरू किया गया है।

बिलासपुर-लेह रेलवे लाइन को रक्षा मंत्रालय ने सामरिक महत्व की परियोजना के रूप में चिह्नित किया है। इस रेल लाइन का सर्वे पूरा कर लिया गया है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। 1,31,000 करोड़ रुपए लागत की इस परियोजना के अन्तर्गत 489 किलोमीटर लम्बी रेलवे लाइन निर्मित होगी जिसमें 270 किलोमीटर लम्बी लाइन टनलों के बीच से गुजरेगी।

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