पुनः आपकी सेवा में हाजिर… होटल धौलाधार
एक दिन पहले हुई आगजनी की घटना के बाद फिर 'अतिथि देवो भव'
धर्मशाला।
हिमाचल पर्यटन विकास निगम ने एक बार फिर उसी जोश और अतिथि देवो भव की परम्परा को कायम रखते हुए धर्मशाला स्थित होटल धौलाधार में शनिवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे रेस्टोरेंट शुरू कर दिया। अभी फिलहाल अस्थाई तौर किचन को शुरू किया गया है। आपको बताते चलें कि वीरवार रात करीब सात बजकर 38 मिनट पर होटल में आग लगने से किचन सहित स्वागत कक्ष, कांफ्रेंस हॉल और इसके साथ लगते एक स्टोर को काफी नुकसान पहुंचा। HPTDC के प्रबंध निदेशक डॉ. राजीव कुमार आईएएस की देखरेख में होटल की मुख्य किचन के साथ लगते खाली जगह पर अस्थाई किचन बनाने का कार्य युद्धस्तर पर देर रात तक चला हुआ है।

एमडी डॉ. राजीव कुमार से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि वीरवार को जो भी हुआ वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना वाले दिन अग्निशमन विभाग और HPTDC के स्टाफ ने बहादुरी का परिचय देते हुए इस प्रॉपर्टी को समय रहते बचाया उसी वजह से यह प्रॉपर्टी बच पाई। साथ ही आग से जिस एरिया में नुकसान हुआ है उसके मरम्मत कार्य को जल्द पूरा करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
आगजनी की घटना के बाद धर्मशाला ही नहीं हिमाचल प्रदेश की इस ऐतिहासिक प्रॉपर्टी और अपने कस्टमर की परेशानी को ध्यान में रखते हुए बहुत जल्द रिस्टोर करेंगे। फिलहाल रेस्टोरेंट को शुरू किया जा रहा है। कस्टमर भी परिवार सहित आने शुरू हो गए हैं। कमरों की बुकिंग भी शुरू हो गई है।

डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि इस होटल का इंश्योरेंस किया हुआ था। ऐसे में रविवार तक इंश्योरेंस की टीम यहां पहुंच कर होटल को आग से हुए नुकसान का आकलन करेगी। जैसे ही इंश्योरेंस की टीम का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद आग से होटल के अंदर वाले क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर देखा जा रहा है कि डेढ़ से दो करोड़ का नुकसान है। HPTDC की टेक्निनल टीम भी यहां पहुंच गई है और नुकसान का आकलन कर रही है कि आगजनी में किस मशीन को कितना नुकसान पहुंचा है। वैसे आगजनी से होटल धौलाधार को कितना नुकसान पहुंचा है, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।

डॉ राजीव कुमार ने बताया कि होटल धौलाधार एक प्रॉपर्टी नहीं बल्कि यहां के लोगों की भावनाओं के साथ जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि वे एक लम्बे समय से इस होटल के साथ जुड़े हुए हैं। HPTDC का स्टाफ भी यहां पर एक घर की भांति कार्य करता है। इन सभी बातों के मद्देनजर HPTDC के तमाम अधिकारी और कर्मचारी के मार्गदर्शन में सुबह छह बजे से देर रात तक कार्य में जुटी हुई है।
आज से यहां पर रेस्टोरेंट शुरू कर दिया गया है। होटल धौलाधार में रविवार से पहले की तरह कस्टमर भोजन ग्रहण कर सकते हैं, कमरों में रह सकते हैं। उन्हें पहले की तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी। HPTDC अपनी सेवा में तत्पर है।
डॉ राजीव कुमार ने बताया कि भविष्य में HPTDC के किसी भी होटल में इस तरह की घटना नहीं हो, इस दिशा में निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि आग बुझाने वाले उपकरण की देखभाल करने के साथ ही अग्निशमन विभाग से उनकी ऑडिट करवा लें। इस दिशा में जिन उपकरण की आवश्यकता होगी उन्हें ख़रीदा जाएगा। साथ ही अग्निशमन विभाग की ओर से मिलने वाले सुझाव पर भी गौर किया जाएगा। जो अपने स्तर पर कर सकते हैं वो भी किए जाएंगे।

आपको बताते चलें कि HPTDC के AGM कैलाश ठाकुर ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से विचार विमर्श कर होटल धौलाधार ही नहीं होटल कुनाल, होटल भागसू, होटल क्लब हाउस सहित अपने अधीन आने वाले होटल में रेनोवेशन की दिशा में कार्य करवाया। जिससे यहां आने वाले कस्टमर को घर जैसा ही नहीं बल्कि लग्जरी होटल वाली अनुभूति हो। AGM कैलाश ठाकुर ही नहीं तमाम अधिकारी और कर्मचारी अभी तक आगजनी से मिले दर्द को भुला नहीं पा रहे हैं। रह-रह कर बार-बार वही तस्वीर जैसे ही आंखों के सामने आती है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं।



