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राजस्थान पुलिस अकादमी बनी देश की सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थान, देश के शीर्ष 5 में शामिल

राज्यों के पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा पाने वाली पहली अकादमी

जयपुर।

राजस्थान पुलिस अकादमी ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए देश के पुलिस प्रशिक्षण के इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराया है। भारत सरकार के उपक्रम क्षमता विकास आयोग ने आरपीए को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्रदान किया है। इस सम्मान के साथ ही राजस्थान पुलिस अकादमी पूरे भारतवर्ष के राज्यों के पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में यह प्रतिष्ठित दर्जा प्राप्त करने वाली पहली अकादमी बन गई है, जिसने देश के शीर्ष पांच सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थानों में अपना स्थान सुनिश्चित किया है।

DGPऔर DG ट्रेनिंग ने दी बधाई, किया प्रोत्साहित
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने अकादमी को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान राजस्थान पुलिस के लिए एक अत्यंत गर्व का क्षण है। यह दर्शाता है कि हमारे प्रशिक्षु देश के सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण ढांचे के तहत तैयार हो रहे हैं। यह उत्कृष्टता का मानक है और हमें इसे बनाए रखना है। महानिदेशक प्रशिक्षण अनिल पालीवाल ने अकादमी की टीम को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आरपीए ने देश के सामने एक मिसाल कायम की है। यह दर्जा न केवल हमारी वर्तमान सफलता को दर्शाता है, बल्कि भविष्य में प्रशिक्षण पद्धतियों में नवाचार और गुणवत्ता के लिए हमें और अधिक प्रेरित करता है।

कड़े 43 मानकों पर खरा उतरा प्रशिक्षण का ढांचा
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एवं निदेशक आरपीए संजीब नार्जारी ने बताया कि यह उत्कृष्ट सम्मान आरपीए द्वारा प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संसाधन प्रबंधन और तकनीकी उपयोग में स्थापित उच्च मानकों को दर्शाता है। अकादमी का मूल्यांकन क्षमता विकास आयोग द्वारा 8 प्रमुख स्तंभों के अंतर्गत कुल 43 कठिन मानकों पर किया गया। इसमें प्रशिक्षण आवश्यकता विश्लेषण, संकाय विकास, प्रशिक्षण में तकनीक का उपयोग, प्रक्षिशुओं को प्रशिक्षण में सहायता, प्रशिक्षण गुणवत्ता एवं प्रशिक्षण संस्थान की कार्यप्रणाली एवं प्रशासन और अन्य संस्थानों के साथ समन्वय जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल थे।

अकादमी के निदेशक नार्जारी और अतिरिक्त निदेशक शंकरदत्त शर्मा के मार्गदर्शन में गठित एक विशेष टीम ने सभी आवश्यक दस्तावेजीकरण और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस टीम में सहायक निदेशक धनपत राज, अनुकृति उज्जैन, पुलिस निरीक्षक धीरज वर्मा, दीपक यादव, नीलिमा अग्निहोत्री एवं महिला कांस्टेबल रानी शामिल थी।

आयोग की टीम द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच की गई और 09 तथा 10 दिसम्बर को आरपीए का दौरा कर कार्यों का विश्लेषण किया गया। टीम ने गहन जांच के बाद अकादमी को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिया और निदेशक श्री संजीव कुमार नार्जारी एवं टीम को प्रमाण पत्र प्रदान किया। ​उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस अकादमी के लिए उत्कृष्टता का यह सफर नया नहीं है। आरपीए को पूर्व में भी तीन बार देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस अकादमी का दर्जा प्राप्त हो चुका है, जो इसके निरंतर उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण मानकों को सिद्ध करता है।

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