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Budget 2026: हिमाचल को संरचनात्मक सुधार और आत्मनिर्भरता की ठोस सौगातें : परमार

हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक चुनौतियों को अवसरों में बदलने का स्पष्ट रोडमैप

धर्मशाला।

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पहली बार रविवार को प्रस्तुत किए गए केन्द्रीय बजट 2026 पर सुलह विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा, यह बजट प्रमाणित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार लोक लुभावनवाद से ऊपर उठकर संरचनात्मक सुधारों, विश्वास आधारित प्रणालियों और दीर्घकालिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। यह बजट न केवल वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का सशक्त दस्तावेज है, बल्कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक चुनौतियों को अवसरों में बदलने का स्पष्ट रोडमैप भी प्रस्तुत करता है।

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत विकास दर के साथ आगे बढ़ना इस बात का प्रमाण है कि भारत की अर्थव्यवस्था आज नीति-स्थिरता, सुधारों और वैश्विक विश्वास के मजबूत स्तंभों पर खड़ी है। ऐसे समय में हिमाचल प्रदेश को पर्यटन, कृषि, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में विशेष प्राथमिकता देना केंद्र सरकार की संवेदनशील और संतुलित नीति को दर्शाता है।

यह भी उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत यह लगातार नौवां केन्द्रीय बजट है, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने निरंतरता, पारदर्शिता और दूरदर्शिता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

माउंटेन ट्रेल्स और इको-टूरिज़्म
केन्द्रीय बजट 2026 में हिमाचल प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी घोषणा पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय माउंटेन ट्रेल्स के विकास की है। यह पहल साहसिक पर्यटन, पैदल यात्रा, ट्रेकिंग और माउंटेन बाइकिंग जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगी। इससे हिमाचल प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान मिलेगी और साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए गाइड सेवाओं, होम-स्टे, परिवहन और छोटे उद्यमों के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह योजना केवल पर्यटन विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का संतुलित मॉडल प्रस्तुत करती है, जो हिमाचल जैसे संवेदनशील पर्वतीय राज्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

हिमाचल को सीधा लाभ
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में अखरोट और पाइन नट्स जैसी उच्च मूल्य वाली पहाड़ी फसलों को बढ़ावा देने की घोषणा हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इससे पर्वतीय कृषि अधिक लाभकारी, टिकाऊ और बाजारोन्मुख बनेगी तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।

पर्यटन, कौशल विकास और युवाओं के लिए नए अवसर
पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके साथ-साथ देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूर गाइड्स को प्रशिक्षित करने के लिए आईआईएम के सहयोग से 12 सप्ताह का मानकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसका सीधा लाभ हिमाचल प्रदेश के युवाओं को मिलेगा।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड के निर्माण से हिमाचल प्रदेश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत स्थलों को वैश्विक डिजिटल पहचान मिलेगी, जिससे पर्यटन को दीर्घकालिक मजबूती प्राप्त होगी।

पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर और इंफ्रास्ट्रक्चर को ऐतिहासिक बढ़ावा
केन्द्रीय बजट 2026 में Public Capital Expenditure को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्गों का विस्तार और आधुनिक कनेक्टिविटी जैसी योजनाएं भारत को भविष्य की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम हैं, जिनका लाभ पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों तक सुनिश्चित रूप से पहुंचेगा।

डिजिटल व्यापार और सीमा-शुल्क सुधार
बजट 2026 में Trust-Based Systems को मजबूत किया गया है। अधिकृत आर्थिक प्रचालकों (AEO) के लिए शुल्क स्थगन अवधि बढ़ाना, सीमा-शुल्क अग्रिम नियमों की वैधता को बढ़ाना, स्व-प्रकटन, इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग और जोखिम आधारित ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं व्यापार सुगमता को नई ऊंचाई देंगी। इसके साथ ही एकीकृत कस्टम्स सिस्टम और एआई आधारित स्कैनिंग से पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित होंगी।

ऊर्जा संक्रमण, स्वास्थ्य और MSME को मजबूती
ऊर्जा सुरक्षा के तहत लिथियम-आयन सेल, सोलर ग्लास और न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं से जुड़ी सामग्रियों पर सीमा शुल्क छूट भारत को हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में 17 आवश्यक दवाओं पर सीमा शुल्क छूट, रोकथाम और प्रारंभिक उपचार पर जोर आम नागरिक को सीधी राहत देगा। एमएसएमई सेक्टर के लिए TREDS के माध्यम से ₹7 लाख करोड़ से अधिक की फंडिंग, ऋण गारंटी और GeM लिंक से छोटे उद्यमों को नया संबल मिलेगा।

अंततः, केन्द्रीय बजट 2026 समावेशी विकास, विश्वास आधारित शासन, टिकाऊ अर्थव्यवस्था, किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन और भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने की स्पष्ट नीति का सशक्त प्रतिबिंब है।
सुलह विधानसभा क्षेत्र का विधायक होने के नाते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूं और पूर्ण विश्वास के साथ कहता हूं कि यह बजट हिमाचल को पर्यटन, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्वगुरु बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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