हिमाचल में आज से 2384 केंद्रों पर शुरू होंगी 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं
परीक्षाओं में 'तीसरी आंख' का पहरा, कंट्रोल रूम से होगी लाइव निगरानी
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मंगलवार से शुरू हो रहीं 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं में नियमित और एसओएस के 1,84,618 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इस परीक्षा के लिए शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश भर में 2,384 परीक्षा केंद्रों का गठन किया है। पहली बार परीक्षा में एक ही प्रश्न पत्र को ए, बी और सी सीरीजों में जंबल तरीके से पूछा जाएगा। पहले दिन 10वीं कक्षा की अंग्रेजी और 12वीं कक्षा की संस्कृत विषय की परीक्षा सुबह 9:45 से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी। इन परीक्षाओं के लिए नियमित विद्यार्थियों में 10वीं कक्षा में 93,564 और 12वीं कक्षा में 8,1411 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर बोर्ड प्रबंधन पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं के दौरान पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांति बनाए रखने के लिए इस बार विशेष डिजिटल निगरानी व्यवस्था की गई है। इसके तहत प्रदेश के संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए बोर्ड के मुख्य कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी जाएगी, ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे।
व्यवस्था का उद्देश्य डराना नहीं, सुधारना है
डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि सीसीटीवी निगरानी का उद्देश्य विद्यार्थियों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह तकनीक मुख्य रूप से व्यवस्था को मजबूत करने और किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए अपनाई गई है, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी बिना किसी दबाव के अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर सके।
स्टाफ की जवाबदेही और कड़े निर्देश
बोर्ड अध्यक्ष ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधीक्षक, उप-अधीक्षक और अन्य संबंधित स्टाफ को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सीसीटीवी के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों, बल्कि केंद्र की पूरी कार्यप्रणाली पर सतत नजर रखी जाएगी, जिससे अनुशासनहीनता या अवांछित गतिविधियों पर तुरंत संज्ञान लिया जा सके।
नकल और अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई
डॉ. शर्मा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी केंद्र पर नकल करने, करवाने या नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आता है, तो बोर्ड के नियमों के अनुसार संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने फ्लाइंग स्क्वॉड और बोर्ड अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
विद्यार्थियों के हित और भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता
बोर्ड अध्यक्ष शर्मा ने विश्वास जताया कि इस सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण होंगी। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और एक ऐसा वातावरण तैयार कर रहा है जहाँ मेहनत करने वाले छात्रों को उनकी काबिलियत का सही फल मिल सके।



