Exclusive : धौलाधार होटल में लगी भीषण आग, चारों तरफ धुंआ ही धुंआ, जनहानि नहीं
सूचना मिलते ही महज एक मिनट में अग्निशमन कर्मियों का मूवमेंट, HPTDC कर्मियों ने दिखाई बहादुरी

धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के धर्मशाला के कोतवाली बाजार होटल धौलाधार में वीरवार देर शाम करीब 07:50 मिनट पर भीषण आग लग गई। होटल के किचन में आग की लपटें देखकर होटल में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आग भड़कते ही होटल से तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही 07:56 मिनट पर अग्निशमन विभाग के कर्मी हरकत में आ गया और मूवमेंट शुरू कर दी। एक के बाद एक यानि कुल तीन फेयर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्क्त कर करीब दो घंटे के बाद आग पर काबू पाया। इस पर सभी ने राहत की सांस ली। होटल में आग के विकराल रूप लेने से होटल के ऊपर धुंआ ही धुंआ हो गया। वहीं मौके पर मौजूद लोगों को भी सांस लेने में तकलीफ होने लगी। आग पर काबू पाने के लिए शाहपुर, कांगड़ा और नगरोटा बगवां से अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मंगवानी पड़ी। अग्निशमन विभाग का फिलहाल मानना है कि आगजनी की इस घटना में 50 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है।
आपको बताते चलें कि इस भीषण आग पर काबू पाने में HPTDC के मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए होटल के सामान को ही नहीं बचाया बल्कि मोबाइल फ़ोन की लाइट में एक-एक कमरे की तलाशी लेकर कमरों में रह रहे मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव डॉ. हरीश गज्जू, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा, उद्यान विभाग के निदेशक, पीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त सचिव, HPTDC के एमडी राजीव कुमार सहित कई टूरिस्ट ठहरे हुए थे। राहत की बात यह है कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
आपको बता दें कि इन दिनों धर्मशाला में विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है, ऐसे में कई सीनियर अधिकारी इस होटल में ठहरे हुए हैं। आगजनी की सूचना मिलते ही कश्मीर हाउस में स्थित HPTDC के मुख्य कार्यालय में अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे HPDTC के चेयरमैन आरएस बाली अधिकारियों के साथ तत्काल होटल धौलाधार पहुंचे। आरएस बाली ने कई बार होटल के अंदर जाने की कोशिश की लेकिन आग इस कद्र विकराल रूप ले रही थी कि आग पर काबू पा रहे कर्मचारियों ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया।
होटल धौलाधार में रेस्तरां, एक मीटिंग हॉल (बड़ा) और करीब 27 कमरे हैं। यह होटल लकड़ी का बना होने से बेहद खूबसूरत है। हाल ही में HPTDC के एजीएम कैलाश ठाकुर ने इस होटल के रेनोवेशन का कार्य करवाया, जिसकी होटल में आने वाले पुराने कस्टमर ही नहीं बल्कि स्थानीय लोग भी प्रशंसा करते नहीं थकते हैं। अग्निशमन विभाग का कहना है कि होटल में लकड़ी का अधिक इस्तेमाल होने के कारण आग ज्यादा फैली।
दरअसल, आरएस बाली इस बात को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे थे कि होटल के अंदर कोई व्यक्ति ना हो। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने किचन में लगी आग पर काबू पाने के लिए किचन की खिड़की के शीशे को तोड़ने की कोशिश की, जो काफी संघर्ष के बाद टूटा। इसके बाद उन्होंने पानी का बौछार की। इसी दरम्यान आग फर्स्ट फ्लोर पर स्थित स्टोर की बढ़ गई। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। इस बीच धर्मशाला पुलिस के भी सभी सीनियर ऑफिसर और जवान भी पहुंच गए और स्थिति को कंट्रोल करने लगे। पुलिस कर्मियों ने भी आग पर काबू पाने में अग्निशमन विभाग के कर्मियों की मदद की।
HPTDC के कर्मियों ने बहादुरी का परिचय देते हुए होटल के सेकंड फ्लोर पर पहुंच कर मोबाइल फ़ोन की लाइट में कमरों में रखे होटल के सामान को बचाने के लिए नीचे फेंकना शुरू किया। लेकिन हैरानी की बात है कि होटल परिसर में पसरे अंधेरे को दूर करने के लिए लाइट का प्रबंध नहीं किया गया। आग पर काबू पाने के लिए मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को होटल परिसर के अंदर पहुंचने में काफी दिक्क्त हुई। दरअसल, होटल परिसर में बनी पेड पार्किंग में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की गाड़ियां पार्क होने से यह परेशानी हुई। ऐसे में फायर ब्रिगेड की गाड़ी का सामने वाला शीशा होटल के प्रवेश द्वार की छत के कोने से टकराकर टूट गया। आगजनी की सूचना मिलते ही उपायुक्त हेमराज बैरवा, एडीएम शिल्पी बेक्टा, एसडीएम मोहित रत्तन, एसपी बीर बहादुर सहित कई विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।



