स्वास्थ्यहिमाचल प्रदेश

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: लैंगिक समानता और स्वास्थ्य पर कार्यशाला

स्वास्थ्य के क्षेत्र में लैंगिक समानता अत्यंत आवश्यक

धर्मशाला।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य, लैंगिक समानता तथा टीबी और एचआईवी जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ विवेक करोल रहे।

मुख्य अतिथि डॉ विवेक करोल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समान अवसरों के प्रति समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में लैंगिक समानता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारणों से कई बार महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पातीं।

डॉ विवेक करोल ने बताया कि टीबी (क्षयरोग) आज भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। कई बार महिलाओं में टीबी की पहचान देर से होती है, क्योंकि वे परिवार और समाज की जिम्मेदारियों के चलते अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं। इससे बीमारी गंभीर हो सकती है और परिवार के अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवम कार्यक्रम अधिकारी डॉ आर के सूद ने बताया कि एच आई वी से संक्रमित महिलाओं में टीबी का खतरा अधिक होता है, इसलिए समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक है। गर्भवती महिलाओं में एच आई वी और टीबी की समय पर स्क्रीनिंग माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

इन बिंदुओं पर दें ध्यान

  • महिलाओं और बालिकाओं को समान एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
  • टीबी की समय पर जांच और उपचार महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
  • लैंगिक असमानता के कारण कई महिलाएं समय पर जांच और उपचार तक नहीं पहुंच पातीं।
  • भेदभाव और कलंक (स्टिग्मा) को समाप्त करना जरूरी है, ताकि महिलाएं बिना डर के इलाज करा सकें।
  • सामुदायिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण से एच आई वी और टीबी की रोकथाम तथा उपचार को मजबूत किया जा सकता है।
  • गर्भवती महिलाओं में एच आई वी और टीबी की समय पर जांच माँ और शिशु दोनों के लिए लाभकारी है।
  • कार्यक्रम के अंत में डॉ आर.के. सूद ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य परिवार और समाज के स्वास्थ्य की नींव है। लैंगिक समानता, जागरूकता और समय पर उपचार के माध्यम से हम #TBMuktBharat के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं।

 

‘भेदभाव नहीं चलेगा’ जागरूकता सामग्री जारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कार्यालय की महिला कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यशाला में कार्यक्रम अधिकारी डॉ अनुराधा, कन्सलटेंट डॉ दीपिका, कार्यक्रम अधिकारी डॉ महिमा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ दुष्यंत, ए सी फूड सेफ्टी सविता ठाकुर, एसीएफए पंकज गुप्ता, अधीक्षक ग्रेड-1 चन्द्र मोहन, करविन्दर पठानिया अधीक्षक ग्रेड-2, एम ई आई ओ हेमलता, एच ई अर्चना गुरंग व कार्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।

‘भेदभाव नहीं चलेगा’ का शुभारंभ
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ विवेक करोल ने विशेष रूप से टीबी और एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव समाप्त करने के उद्देश्य से ‘भेदभाव नहीं चलेगा’ संदेश आधारित जागरूकता सामग्री का शुभारंभ किया। समाज की भागीदारी से ही टीबी/एचआईवी से जुड़ा कलंक समाप्त कर स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

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