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“शीतकालीन प्रवास केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि चौतरफा विकास की ठोस योजना का अहम हिस्सा”

राज्य आपूर्ति निगम के निदेशक पुनीत मल्ली ने कहा, कांगड़ा बनेगा ग्रोथ इंजन

धर्मशाला।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कांगड़ा जिले में वीरवार से शुरू हो रहा शीतकालीन प्रवास केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि हिमाचल के सबसे बड़े जिले के चौतरफा विकास की ठोस योजना का अहम हिस्सा है। यह कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य आपूर्ति निगम के निदेशक पुनीत मल्ली का। पुनीत मल्ली ने कहा कि कांगड़ा हिमाचल का ऐसा जिला है, जहां पर्यटन और विकास की संभावनाएं सबसे अधिक हैं और मुख्यमंत्री का फोकस इसी दिशा में है। इसी कड़ी में जिले के परागपुर में 25 जनवरी को पूर्ण राज्यत्व दिवस का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जा रहा है।

पुनीत मल्ली ने कहा कि मुख्यमंत्री का शीतकालीन प्रवास प्रशासनिक दृष्टि से अहम साबित होने वाला है। इससे पहले शिमला केंद्रित व्यवस्था के चलते जिले की योजनाओं से जुड़ी कई फाइलें लंबित रहती थीं। मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान आम लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं व अफसरों से जो फीडबैक मिलेगी, उससे बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी और क्रियान्वयन की गति तेज होगी, जिसका सीधा लाभ विकास कार्यों को मिलेगा।

शीतकालीन प्रवास इसी दिशा में निर्णायक कदम
मल्ली ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि यदि कांगड़ा की पर्यटन क्षमता का सालभर उपयोग किया जाए तो यह जिला प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बन सकता है। मुख्यमंत्री सुक्खू का शीतकालीन प्रवास इसी दिशा में निर्णायक कदम है। कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के मुख्यमंत्री के प्रयास फलीभूत होने लगे हैं।

सैकड़ों करोड़ की परियोजनाएं हुई स्वीकृत
पुनीत मल्ली ने कहा कि पर्यटन विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हिमाचल आने वाले कुल पर्यटकों में करीब 30 प्रतिशत से अधिक पर्यटक कांगड़ा जिले का रुख करते हैं। धर्मशाला, मैक्लोडगंज, बीड़-बिलिंग, पालमपुर और बैजनाथ जैसे क्षेत्र सालभर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हाल के वर्षों में कांगड़ा जिले में पर्यटन के बुनियादी ढांचे पर सैकड़ों करोड़ रुपए की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनमें इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर, बनखंडी में अभ्यारण, पौंग में वाटर स्पोर्ट्स आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री का कांगड़ा में ठहराव इन परियोजनाओं की सीधी मॉनिटरिंग को सुनिश्चित करेगा।

पुनीत मल्ली ने कहा, जिला कांगड़ा में होटल, होम-स्टे, कैफे, टैक्सी और साहसिक खेलों से हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। पर्यटन सीजन बढ़ने से हर साल हजारों अस्थायी व स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू की नीति पर्यटन को रोजगार से जोड़कर राज्य के युवाओं का बाहरी राज्यों में पलायन रोकने की है।

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