Exclusive : विधानसभा परिसर तपोवन में शुरू हुआ साफ सफाई का काम पूरा होने से पहले ही ठप!
तपोवन स्थित विधानसभा में 26 नवम्बर से शुरू होगा शीतकालीन सत्र, जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा
धर्मशाला
तपोवन में 26 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। शीतकालीन सत्र के मद्देनजर लोक निर्माण विभाग और स्मार्ट सिटी प्रबंधन धर्मशाला की सड़कों को संवारने में जुट गया है। पानी-बिजली की व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। विधानसभा परिसर में साफ-सफाई और रंगरोगन का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन शुक्रवार को कार्य पूरा होने से पहले ही ठप हो गया। अब आप सोच रहे होंगे कि ये क्या हो गया। तो आइए आपको बताते हैं क्या है माजरा।

तपोवन स्थित विधानसभा में 26 नवंबर से होने वाला शीतकालीन सत्र का आयोजन धर्मशाला वासियों के लिए अच्छे दिन लेकर आएगा, ऐसी हर किसी को उम्मीद होती है। क्योंकि प्रदेश की सरकार का हर नुमाइंदा यहां पर होता है। जब सरकार यहां पर आती है तो सड़कों के बुरे दिन भी फिर जाते हैं। संबंधित विभाग टूटी-फूटी सड़कों को चकाचक करने में जुट जाता है। शहर में नेताओं और आला अधिकारियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसके लिए स्थानीय अधिकारियों ने भी कमर कस ली है।

इस संबंध में शुक्रवार को जिला प्रशासन ने उचित प्रबंधों और व्यवस्थाओं को लेकर उपायुक्त हेमराज बैरवा ने तमाम अधिकारियों के साथ उपायुक्त कार्यालय में जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिस समय उपायुक्त सभी अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दृष्टिगत विधानसभा सत्र के सफल संचालन के लिए अपनी जिम्मेदारियां सुनिश्चित कर समय से अपनी तैयारियां पूरी कर लें। उसी दौरान विधानसभा परिसर में चल रहा रंगरोगन का कार्य अचानक से शाम करीब पौने चार बजे ठेकेदार की गाड़ी आती है और काम को रोकने के लिए बोल दिया जाता है। विधानसभा परिसर के मुख्य गेट के ऊपर चढ़कर रंगरोगन कर रहे मजदूर को नीचे उतरने के कहा जाता है। मौके पर मौजूद हर शख्स यह सुनकर हैरान कि आख़िरकार कार ये क्या हो गया। जब हमने इस मामले में संबंधित ठेकेदार से बात की तो पता चला कि ठेकेदार यूनियन ने इस कार्य को रुकवा दिया है।

कांगड़ा के ठेकेदारों से सरकार भेदभाव कर रही
दरअसल, ठेकेदार गोल्डी चौधरी, रोहित शर्मा सहित अन्य ठेकेदारोंका कहना है कि प्रदेश में विकास को गति देने वाले ठेकेदारों के साथ प्रदेश की सुक्खू सरकार भाई भतीजावाद कर रही है और भुगतान नहीं हो पा रहे हैं। ठेकेदार रोहित शर्मा का कहना है कि कांगड़ा के ठेकेदारों से सरकार भेदभाव कर रही है, जबकि हमीरपुर नादौन, देहरा व शिमला के ठेकेदारों के भुगतान धड़ाधड़ हो रहे हैं। इस संबंध में जिले के सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं से सम्पर्क कर परेशानियों से जूझ रहे ठेकेदारों की आपबीती बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने पर विधानसभा परिसर में एक ठेकेदार द्वारा किए जा रहे कार्य को रुकवा दिया गया है। सरकार से हमारी कोई नाराजगी नहीं है, सिर्फ पेंडिंग बिलों के भुगतान नहीं होने से इस तरह की परेशानी आ रही है।



