चोरी का राग अलापना बंद नहीं किया तो बंगाल में भी बिहार जैसा हाल होगा: त्रिलोक कपूर
पालमपुर में आयोजित SIR अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित
धर्मशाला/ पालमपुर।
भाजपा नेता त्रिलोक कपूर ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जब एसआईआर का कार्य भारत का चुनाव आयोग पूर्ण रूप से संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत काम करता है तो उसमें भारतीय जनता पार्टी का क्या संबंध है। त्रिलोक कपूर ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324, 325, 326, 327 में चुनाव और चुनाव आयोग की रचना उनकी शक्तियां, कार्यों और मतदाता सूची बनाने व उनके सुधार और गहन पुनरीक्षण की पूरी शक्ति भारत के चुनाव आयोग को प्राप्त है। इसलिए इस विषय की सरकार की नहीं बल्कि संविधान द्वारा दी गई चुनाव आयोग की ही जिम्मेदारी है।
भाजपा नेता कपूर ने कहा कि यह कोई पहला नया कदम नहीं है, इसकी परंपरा कांग्रेस सरकारों से ही शुरू हुई थी। 1952 में पुनरीक्षण हुआ जब प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। इसके बाद 1957, 1961, 1965, 1966, 1983, 1984, 1987, 1989, 1992, 1993, 1995 और 2004 में गहन पुनरीक्षण एस.आई.आर का काम तो कांग्रेस के शासन काल में हुआ था। साल 2002 और 2003 के दौरान एस.आई.आर हुआ तब अटल बिहारी वाजपेई देश के प्रधानमंत्री थे, इसलिए एस.आई.आर कांग्रेस सरकार की स्थापित परंपरा है।
भाजपा नेता कपूर ने कहा कि लोकतंत्र की पवित्रता के लिए मतदाता सूची का समय-समय पर शुद्धिकरण अनिवार्य है और अगर यह प्रदूषित होगी तो चुनाव निष्पक्ष और विश्वसनीय नहीं हो सकते इसीलिए एस.आई.आर को लोकतंत्र के स्वस्थ रखने की प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है। भाजपा नेता ने कांग्रेस और उनके गठित दलों द्वारा वोट चोरी के आरोप पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो चुनाव आयोग की कार्य पद्धति पर सवाल नहीं उठाती है और जब कांग्रेस हारती है तो चुनाव आयोग दोषी हो जाता है।
उन्होंने कहा कि वास्तव में वोट चोरी का आरोप तो कांग्रेस पर लगना चाहिए, यह देश जानता है कि वोट चोरी का पहला उदाहरण था जब पंडित जवाहर लाल नेहरू को दो वोट और सरदार पटेल को 28 वोट मिले थे, लेकिन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बने। वोट चोरी का दूसरा उदाहरण रायबरेली लोकसभा का है जब इंदिरा गांधी ने उचित तरह से चुनाव नहीं जीता जिसके कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनका चुनाव रद्द कर दिया। लेकिन वोट चोरी को ढकने के लिए कांग्रेस सरकार संसद में कानून लाई की प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई केस नहीं हो सकता। यही नहीं तीसरा एक और वोट चोरी का उदाहरण गांधी परिवार पर है कि सोनिया गांधी भारत की नागरिक बनने से पहले देश की मतदाता कैसे बन गई ?
भाजपा नेता कपूर ने कांग्रेस द्वारा ई.वी.एम की मशीन पर बार-बार लगाए जा रहे आरोपों पर कहा कि ई.वी.एम. का कानून कांग्रेस ने ही बनाया था। जब 1989 में राजीव गांधी की सरकार ने ई.वी.एम मशीन के उपयोग की कानूनी अनुमति दी, लेकिन दुःख इस बात का है कि इसके बावजूद विरोधी दल इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी ई.वी.एम. की वैधता को मंजूरी ही नहीं दी, बल्कि 2002 में पांच जजों की संविधान पीठ ने ई.वी.एम. को पूरी तरह सही और सुरक्षित माना। इसलिए ई.वी.एम. पर संदेह जताना अदालत और लोकतंत्र प्रक्रिया पर अविश्वास है।
भाजपा नेता कपूर ने कहा कि 2004 और 2009 में कांग्रेस ने ई.वी.एम. के द्वारा जीत हासिल की तब कोई सवाल नहीं उठाया और जब 2014 के बाद भाजपा जीतने लगी तो ईवीएम पर सवाल उठने लगे यह कांग्रेस का राजनीतिक दोहरापन है। भारत-बांग्लादेश का कुल 2216 किलोमीटर बॉर्डर है, जिसमें से 1653 किलोमीटर बॉर्डर बन चुका है। 563 किलोमीटर जो बाकी है वह सिर्फ बंगाल में बचा है। इससे यह स्पष्ट है कि टी.एम.सी. घुसपैठियों को रोकने के बजाय उनका संरक्षण देने का काम कर रही है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी निश्चित रूप से जब आने वाले विधानसभा चुनाव में बंगाल में भाजपा अपनी सरकार बनाएगी तो शेष बचे 563 किलोमीटर के बॉर्डर को बनाकर बांग्लादेश के घुसपैठियों के आने-जाने के रास्ते को हमेशा-हमेशा के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
भाजपा नेता कपूर ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के इस बयान की भी कड़ी निंदा की कि देश के महत्वपूर्ण पदों पर स्वयं सेवक संघ के लोग रख दिए जाते हैं।उन्होंने कहा कि देश में ऐसा कोई कानून नहीं है कि संघ विचार के लोग किसी पद पर नहीं हो सकते हैं। आज देश का प्रधानमंत्री और गृहमंत्री इसी विचारधारा से हैं और वह जनादेश से आए हैं ना कि किसी की कृपा से। उन्होंने कहा कि आर.एस.एस. की विचारधारा देश के लिए मरना है, देश को समृद्धि के परम शिखर पर लेकर जाना है और संस्कृति का झंडा बुलंद करना ही आर.एस.एस की प्रेरणा है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस को पता नहीं चल रहा है कि उनकी यह दुर्गति कैसे हो रही है। सच यह है कि जब विपक्ष ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, राम मंदिर, धारा 370, तीन तलाक, CAA को हटाने और वन नेशन-वन इलेक्शन जैसे सुधारों और कार्यों का विरोध किया है इसीलिए जनता ने कांग्रेस को हराया है। प्रधानमंत्री 60 करोड़ गरीबों को घर में गैस, पानी शौचालय, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का इलाज पहुंचाया है। इसलिए देश की जनता मोदी को चुन रही है। अंत में उन्होंने कांग्रेस और उनके मित्र दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि एस.आई.आर. का विरोध बन्द नहीं किया तो बिहार की तरह ही बंगाल और तमिलनाडु में भी साफ हो जाएंगे।



