हिमाचल प्रदेश

किसानों, बागवानों व कामगारों को ऋण और बचत की सुविधा दे रहा ARDB

इस वित्तीय वर्ष में बैंक ने 23 नए कर्मचारियों को ट्रेनी के तौर पर किया नियुक्त

धर्मशाला।

भूमि विकास बैंक हिमाचल प्रदेश की वित्तीय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह बैंक जरूरतमंद किसानों, बागवानों और ग्रामीण कारीगरों को साधारण ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए किफायती किस्तों में ऋण प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं बल्कि राज्य में लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देना है। भूमि विकास बैंक की शाखाएं राज्य के तहसीलों और जिला मुख्यालयों में स्थित हैं। वर्तमान में, 9 जिलों में SARDB की 51 शाखाएं और शेष तीन जिलों में KPARDB की 32 शाखाएं हैं। यह उल्लेखनीय है कि इस बैंक की बहुमूल्य सेवाएं केवल इसकी 83 शाखाओं के माध्यम से ही प्रदान की जा रही हैं। 15 जनवरी, 2026 को धर्मशाला में बैंक की साधारण वार्षिक बैठक। है यह बात कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक धर्मशाला के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया ने एक पत्रकार वार्ता में कही।

राम चंद्र पठानिया ने कहा कि बहुत समय से बैंक घाटे में चल रहा था। हमने इस विषय को बहुत गंभीरता से लिया है और काम करना शुरू किया। इस वित्तीय वर्ष में बैंक 3 करोड़ से ज्यादा के लाभ में है। पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में, व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प के साथ आज “सहकार से समृद्धि” के विजन को साकार करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में, सहकारिता क्षेत्र में नए सुधार लागू किए जा रहे हैं, जिससे समावेशी विकास और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इस बैंक को मजबूत और जीवंत बनाने के लिए विभिन्न पहल और ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

कांगड़ा, पंचरुखी, ज्वालाजी में शाखाएं जल्द
अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में बैंक ने 23 नए कर्मचारियों को ट्रेनी के तौर पर नियुक्त किया है, जिसमें चार असिस्टेंट मैनेजर और 19 रिकवरी सुपरवाइजर/ ऑफिस असिस्टेंट शामिल हैं। बैंक को कांगड़ा जिले में कांगड़ा, ज्वालामुखी और पंचरुखी, हमीरपुर जिले में जाहू और ऊना जिले में मेहतपुर में नई ब्रांच खोलने की भी मंज़ूरी मिली है। मेहतपुर और जाहू में नई ब्रांच का उद्घाटन हो चुका है और बाकी तीन ब्रांच भी इसी वित्तीय वर्ष में शुरू हो जाएंगी।

3 करोड़ 18 लाख रुपए का लाभ किया अर्जित
पठानिया ने कहा कि बैंक वर्तमान समय में अपने कार्य क्षेत्र की 32 शाखाओं के माध्यम से किसानों, बागवानों एवं कामगारों को उनके घरद्वार पर ऋण तथा बचत की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। बैंक ने वित वर्ष 2024-25 में 3 करोड़ 18 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया है I बैंक ने 4 असिस्टेंट मैनेजर और 19 रिकवरी सुपरवाइज़र नियुक्त किए हैं। पांच नई शाखाओं के लिए भी बहुत जल्द हम भर्ती प्रक्रिया शुरू करने वाले हैं। ऐसे सभी एनपीए/ डिफ़ॉल्ट खाते (3 लाख तक के कृषि ऋणों को छोड़कर) जो 31.03.2015 तक आंशिक या पूर्ण रूप से दिए जा चुके हैं और अभी भी बकाया हैं। वो सभी (OTS-2025 FOR OLD LOAN ACCOUNTS) का लाभ उठा सकते हैंI

पांच वर्षों की अवधि के लिए मिली मंजूरी
गृह एवं सहकारिता मंत्री भारत सरकार ने 30 जनवरी 2024 को नई दिल्ली में आयोजित “सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालयों और कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों के कम्प्यूटरीकरण” विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन और कार्यशाला में कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों के कम्प्यूटरीकरण की परियोजना का शुभारंभ किया। NABARD 11 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों की 1851 इकाइयों के कम्प्यूटरीकरण के लिए कार्यान्वयन एजेंसी है। बहुत जल्दी बैंक पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत हो जाएगा । भारत सरकार ने 29 जून 2022 को प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों के कम्प्यूटरीकरण हेतु केंद्र प्रायोजित परियोजना को 2022-23 से 2026-27 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए मंजूरी दी है। 2027 तक सभी सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालयों और कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों को पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत करने का लक्ष्य है।, जिससे वे अपने ग्राहकों को आधुनिक तकनीक आधारित बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने में सक्षम हो पाएंगे।

एआरडीबी क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए जो प्रयास कर रहे हैं, वे न केवल इन संस्थानों की रक्षा करेंगे, बल्कि वित्तीय क्षेत्र के लिए संभावित खतरों और जोखिमों के विरुद्ध एक मजबूत ढाल के रूप में भी कार्य करेंगे।

Share holders : 47376
Total Deposit : Rs. 210 Cr (31.03.2025)
Total Loan : Rs. 194 Cr (31.03.2025)
Total Recovery : Rs. 57% (30 June 2025)

सरकार का लक्ष्य प्रदेश के किसानों को मजबूती देना और साथ ही समाज के कमजोर वर्गों का उत्थान करना है। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं हमारी सरकार हिमाचल प्रदेश को विकसित हिमाचल के मुख्यमंत्री जी के सपने को साकार करने के उदेश्य से काम कर रहे हैं। अपने पूर्व अनुभव, सेवा क्षेत्र और किसान समुदाय के साथ निरंतर संबंधों के कारण, बैंक में राज्य सरकार की विकास एजेंसी के रूप में कार्य करने की क्षमता है।

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