शीतकालीन सत्र : ‘हार के डर से पंचायत चुनाव टालने का प्रयास कर रही कांग्रेस सरकार’
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जब भाजपा सत्ता में आएगी तो कांग्रेस सरकार के फैसलों पर करेंगे पुनर्विचार
धर्मशाला
तपोवन (धर्मशाला) में हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज बुधवार से शुरू हो गया है। सत्र में भाग लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार हार के डर से पंचायत चुनाव टालने का प्रयास कर रही है। बुधवार को नियम 67 के तहत चर्चा में भाग लेते हुए जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर पलटवार करते हुए कहा कि सिर्फ कहने से संविधान के रक्षक नहीं बना जाता बल्कि व्यावहारिक तौर पर पालन भी करना होता है। टालने से चीजें नहीं सुधरती और अधिक बिगड़ जाती हैं। मुख्यमंत्री को स्थितियों का सामना करने की आदत डालनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सरकार को ऐसे चला रहे हैं जैसे एनएसयूआई
जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव पांच साल बाद होना अनिवार्य है। इन्हें विशेष परिस्थितियों में छह माह पहले या बाद में करवाने का प्रावधान है। कांग्रेस सरकार संविधान के 73वें संशोधन का सम्मान नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री सरकार को ऐसे चला रहे हैं जैसे एनएसयूआई को चला रहे हैं। फैसलों को लेते ही बदला जा रहा है। मुख्यमंत्री किसी की सुनते ही नहीं हैं और अगर सुनते हैं तो बात नहीं मानते। बीते तीन साल में सरकार ने व्यवस्थाओं को तहस-नहस करके रख दिया है। सरकार को जानकारी मिल गई है कि चुनाव परिणाम भी इनके पक्ष में नहीं होंगे। इस कारण सरकार चुनाव टालने के प्रयास कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिमला नगर निगम में अपने मेयर मित्र के लिए कार्यकाल पांच साल तक बढ़ा दिया है। नियम के अनुसार मेयर का कार्यकाल ढाई साल होना चाहिए था। पूर्व सरकार के समय में नगर निगम शिमला के चुनाव देरी से होने का कारण राजनीतिक नहीं था। जब भाजपा सत्ता में आएगी तो कांग्रेस सरकार के फैसलों पर पुनर्विचार करेंगे।
आपदा की चिंता होती तो मंडी में नाटी डालने की योजना नहीं बनती
जयराम ठाकुर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार को त्रासदी की थोड़ी सी भी चिंता होती तो जश्न के नाम पर मंडी में नाटी डालने की योजना नहीं बनाई जाती।



