किसी भी समाचार का फाॅलो-अप उतना ही महत्वपूर्ण जितना पहली रिपोर्ट : SP अशोक रत्न
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर धर्मशाला में 'बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण' विषय पर हुआ विमर्श
धर्मशाला
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर शनिवार को धर्मशाला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था ‘बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण’, जिसमें विभिन्न मीडिया प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र की आधारशिला है और उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना समय की आवश्यकता है। हर पत्रकार को निष्पक्ष और संतुलित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। किसी भी समाचार का फाॅलो-अप उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पहली रिपोर्ट। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भ्रामक सूचनाओं की पहचान के लिए डाटा टूल्स और तकनीकी माध्यमों का उपयोग अनिवार्य हो गया है। पुलिस विभाग डाॅटा टूल्स के इस्तेमाल की दिशा में पत्रकारों को प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिए तत्पर है।
आज वैश्विक समस्या बनी भ्रामक सूचना
इस अवसर पर मुख्य वक्ता केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के अनुसंधान निदेशक (न्यू मीडिया) और मीडिया विशेषज्ञ प्रो. प्रदीप नायर ने कहा कि भ्रामक सूचना आज केवल स्थानीय नहीं बल्कि वैश्विक समस्या बन चुकी है। ऐसी सूचनाओं को प्रकाशित होने से रोकने के लिए तथ्य-जांच को पत्रकारिता की मूलभूत प्रक्रिया का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि गूगल जैसी कई वैश्विक संस्थाएं भी पत्रकारों के लिए फैक्ट-चेकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश भी अपने स्तर पर स्थानीय पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर सकता है ताकि उन्हें आधुनिक तकनीकों और सत्यापन उपकरणों का लाभ मिल सके।
इस अवसर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों ने भी बढ-चढ़ कर परिचर्चा में भाग लिया और भ्रामक सूचनाओं के प्रकाशन पर रोक लगाने के सम्बन्ध में अपने विचार सांझा किए। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में भ्रामक जानकारी फैलने की गति कई गुना बढ़ गई है, ऐसे में मीडिया संस्थानों और पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
इस अवसर पर जिला लोक सम्पर्क अधिकारी विनय शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण के विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जसवाल सहित विभिन्न मीडिया संस्थाओं के पत्रकार उपस्थित रहे।



