राजनीतिहिमाचल प्रदेश

हिमाचल के इतिहास में पहली बार हुआ, अब ये किस मुंह से देंगे जनता को जवाब : जयराम

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का आरोप

शिमला।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की लगभग 3600 ग्राम पंचायतों में 1 फरवरी से एडमिनिस्ट्रेटर लग जाएंगे और प्रदेश के इतिहास में पहली बार पंचायती राज पूरी तरीके से सरकारी नुमाइंदों के हवाले होगा। पंचायत प्रधान की मोहरे किसी काम की नहीं रह जाएंगी। उनके दस्तखत के कोई मायने नहीं होंगे। 30000 से ज्यादा चुने हुए जनप्रतिनिधि प्रभावहीन हो जाएंगे। प्रदेश के लाखों की आबादी बिना किसी स्थानीय जनप्रतिनिधि के सरकार द्वारा जबरिया थोपे गए एडमिनिस्ट्रेटर के हवाले कर दी जाएगी।

जयराम ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम को लेकर प्रदेश भर में घूम–घूम कर अनशन करने वाली सरकार और उसके मुखिया पंचायती राज और ग्राम स्वराज के उस सपने का गला घोट रहे हैं जिसे स्वयं महात्मा गांधी ने देखा था। यह इस प्रकार के न सिर्फ दोहरे मानदंडों को दर्शाता है बल्कि जनहित और जन सरोकारों से दूर होती सुक्खू सरकार की हकीकत भी देश के सामने रखता है। भाजपा मुख्यमंत्री का यह रवैया देखकर बीते 6 माह से कह रही है कि सरकार पंचायत चुनाव में देरी कर रही है लेकिन मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री और पूरी सरकार के लोग हमेशा ही चुनाव को समय पर करवाने का आश्वासन देते रहे। नतीजा आज प्रदेश के सामने है की 31 जनवरी को ग्राम पंचायत तथा तमाम स्थानीय निकायों के कार्यकाल के पूरा होने के कारण उनमें सरकार द्वारा एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया जा रहा है। सवाल यह है कि मुख्यमंत्री और मंत्री जो पंचायत चुनाव समय पर करवाने का भरोसा प्रदेश वासियों को दे रहे थे वह किस मुंह से प्रदेश के लोगों को अब जवाब देंगे।

यह झूठ भी बेनकाब होने में ज्यादा समय नहीं लगा
जयराम ठाकुर ने कहा कि हर बार के झूठ की तरह यह झूठ भी बेनकाब होने में ज्यादा समय नहीं लगा। सरकार ने इसके लिए आपदा प्रबंधन कानून का सहारा लिया। लेकिन माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उसे पंचायत चुनाव करवाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है लेकिन फिर भी सरकार अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रही है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के प्रकाशन हेतु 30 जनवरी की आखिरी तारीख निर्धारित की थी लेकिन समयाअवधि बीत जाने के बाद भी प्रदेश के सभी पंचायत स्थानीय निकायों की मतदाता सूची अभी तक प्रकाशित नहीं की गई। कोर्ट के आदेशों के बाद सरकार की यह गंभीरता सच में हैरत में डालती है। इस तरीके की मनमानी के पीछे मुख्यमंत्री की वह टिप्पणी भी है जो मुख्यमंत्री द्वारा पंचायत चुनाव करवाने के आदेश देने के बाद माननीय न्यायालय पर की थी। सरकार अपनी हठधर्मिता को छोड़कर अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करें तो बेहतर रहेगा।

फिल्मी स्टाइल में दिनदहाड़े हर जगह चल रही है गोलियां
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरीके से पाताल में चली गई है। प्रदेश में आतंकी आकर थाने में बॉम्ब धमाका कर रहे हैं। लेकिन पुलिस अन्य कामों में व्यस्त है। आज बद्दी में एसपी आवास से पांच किलोमीटर दूर दिन दहाड़े गोलियां चली हैं। यह कोई पहली बार नहीं है। यह हर दिन का धंधा हो गया है। कानून व्यवस्था, लोगों की सुरक्षा जैसी कोई चीज प्रदेश में रही ही नहीं। जिसका जब मन आए, जहां मन आए दिनदहाड़े गोलियां बरसाने से हिचक नहीं रहा है। इसका एकमात्र कारण है कि सरकार माफिया पर कार्रवाई करने की बजाय उसका फन कुचलने की बजाय उसे संरक्षण प्रदान कर रही है।

‘माफिया को संरक्षण देने से सरकार कलंकित ही होगी’
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमने शुरुआत में ही सरकार को आगाह किया था कि माफिया को संरक्षण देने से सरकार कलंकित ही होगी। माफिया को संरक्षण देना प्रदेश की संस्कृति नहीं थी। इसलिए सरकार ऐसे माफिया तत्वों को अपने हितों को साधने का साधन और अपना हथियार न बनाए। आज पुलिस प्रशासन माफिया और अराजक तत्वों को संरक्षण देने में व्यस्त है। शराब माफिया, खनन माफिया, वन माफिया, स्क्रैप माफिया, इंडस्ट्री माफिया, नशा माफिया न जाने कितने माफिया आज सरकार की संरक्षण में न सिर्फ पनप रहे हैं बल्कि फल फूल रहे हैं।

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