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हिमाचल : पंचायत और शहरी निकायों के लिए आचार संहिता लागू, तारीखों का इंतज़ार

शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है। सोमवार को राज्य चुनाव आयोग ने तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू करने की घोषणा कर दी है। हालांकि, मतदान की तारीखों का ऐलान अभी बाकी है, लेकिन इस घोषणा के साथ ही प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया का औपचारिक शंखनाद हो गया है।

अभी क्यों लगी आचार संहिता?
चुनाव आयोग ने यह महत्वपूर्ण कदम संविधान के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के आधार पर उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने ‘द स्टेट ऑफ पंजाब एंड अदर्स बनाम बेंट कुमार’ मामले में स्पष्ट किया था कि किसी भी संस्था का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले अनिवार्य चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। इसी संवैधानिक व्यवस्था के तहत, हिमाचल में भी समय पर चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

आचार संहिता का क्या मतलब?
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लागू की गई मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट की धारा 2.1 के तहत, अब प्रदेश में पंचायत और नगर निकायों की सीमाओं में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। ये सीमाएं अब ‘फ्रीज़’ मानी जाएंगी। आयोग ने राज्य सरकार को 1 मई, 4 जुलाई और 28 जुलाई 2025 को भेजे गए पत्रों में इस बारे में पहले ही सूचित कर दिया था।

विकास कार्यों पर कोई रोक नहीं
यह जानना महत्वपूर्ण है कि इस आचार संहिता का सरकार के मौजूदा कामकाज, विकास परियोजनाओं या नए प्रोजेक्ट्स के ऐलान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राज्य में विकास कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे।

कार्यकाल समाप्ति की घड़ी
दरअसल, प्रदेश में मौजूदा पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों का कार्यकाल अगले साल (2026) की शुरुआत में समाप्त हो रहा है:
– पंचायती राज संस्थाएं (ग्राम पंचायतें, पंचायत समितियां, जिला परिषदें) – 31 जनवरी 2026
– 50 शहरी स्थानीय निकाय – 18 जनवरी 2026
– धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगम – 13 अप्रैल 2026
– 5 नगर पंचायतें (अंब, चिरगाँव, कंडाघाट, नेरवा और निर्मंड) – 16 अप्रैल 2026

आयोग ने बताया है कि पंचायती राज संस्थाओं के गठन के लिए 75 दिन से भी कम और अधिकांश शहरी निकायों के गठन के लिए 60 दिन का समय शेष है, ऐसे में समयबद्ध तरीके से चुनावी प्रक्रिया शुरू करना अनिवार्य हो गया है।

चुनाव आयोग की तैयारियां पूरी
राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है:
– परिसीमन: प्रदेश की 3577 ग्राम पंचायतों, 90 पंचायत समितियों, 11 जिला परिषदों और 71 शहरी स्थानीय निकायों का परिसीमन कार्य पूरा कर लिया गया है और इसकी अंतिम अधिसूचना भी जारी हो चुकी है।
– मतदाता सूचियां: 3548 ग्राम पंचायतों और 70 शहरी निकायों की मतदाता सूचियाँ कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तैयार हो चुकी हैं। शेष 29 ग्राम पंचायतों और एक शहरी निकाय की मतदाता सूची 1 दिसंबर और 7 दिसंबर 2025 तक अंतिम रूप से तैयार कर ली जाएगी।

अगला कदम
राज्य निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 243 K (1) और 243 ZA (1) तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 और हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994 में निहित शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है।

ऐसे में अब पूरे प्रदेश की निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं, जो जल्द ही विस्तृत चुनाव कार्यक्रम और मतदान की तारीखों की घोषणा करेगा। हिमाचल अब एक बड़े चुनावी उत्सव के लिए तैयार है।

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