‘खुद 2 घंटे एयरपोर्ट पर क्या परेशान हुए पोस्ट डाल दी, यहां तो जनता रोज परेशान हो रही है’
प्रदेश के कई HRTC रूटों पर बीच रास्ते में ही हांप जाती हैं बसें, कहीं रूट ही बंद हैं
धर्मशाला/ चंबा
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इन दिनों निजी कार्यक्रम में व्यस्त हैं और इसी सिलसिले में दिल्ली गए हुए थे। यही कारण है कि इन दिनों धर्मशाला विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र में अभी तक हिस्सा नहीं सके। कार्यक्रम से निवृत होकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री दिल्ली से शिमला के लिए हवाई जहाज से (चंडीगढ़ तक) रवाना हुए। फ्लाइट में 2 घंटे की देरी पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आव देखा और ना ताव तुरंत एक पोस्ट अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दी।

जब इस पोस्ट को देखा तो हैरानी हुई। अब आप सोच रहे होंगे कि हम ऐसा क्यों कह रहे हैं। ये हम नहीं बल्कि हमारे सूत्रों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री एयरपोर्ट, जहां पर आप आराम से 2 से 3 घंटे व्यतीत कर सकते हैं वहां 2 घंटे फ्लाइट इंतजार नहीं कर सके। तो अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब HRTC की बस बीच रास्ते में ही दम तोड़ देती है तो सवारियों को कितनी अधिक परेशानी होती होगी। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सब शामिल होते हैं। और ये परेशानी कोई एक दिन की नहीं होती है। आमतौर पर किसी ना किसी दिन नहीं HRTC की बस के बीच रास्ते में ही ख़राब होने के समाचार आते रहते हैं। HRTC के कहीं रूट बंद हैं तो कहीं बसें ही नहीं चल रही हैं। कहीं कई कई दिनों तक रूट ही ठप हो जाते हैं। अब आप खुद सोच सकते हैं कि आम जनता जो सिर्फ बसों में सफर करती है, उन्हें कितनी परेशानी होती होगी। यह किसी एक डिपो का हाल ही नहीं है। इसमें चम्बा, धर्मशाला जैसे कई डिपो शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री जी, की फ्लाइट दो घंटे क्या देर हो गई, इन्होंने तत्काल इंडिगो फ्लाइट को इंगित करते हुए पोस्ट जारी कर दिया। उपमुख्यमंत्री जी अपनी पोस्ट में लिखते हैं. ‘इंडिगो की ऐसी अव्यवस्था अस्वीकार्य है।

हाल ही की बात करें तो, HRTC के चंबा डिपो की बस सेवाओं की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। कई रूट तो दो-दो दिन तक ठप हैं, क्योंकि बसें बीच रास्ते में ही खराब हो रही हैं। चंबा डिपो के पास बसों की भारी कमी है। ऐसे में चम्बा डिपो के पास खराब बस के स्थान पर दूसरी बस भेजने का विकल्प तक नहीं है।

यदि हम पिछले एक महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो डिपो की करीब 10 बसें बनीखेत, पुखरी, भरमौर, भंजराडू, ईंटनाला, जंजला स्थान पर रास्ते में ही खराब हो चुकी हैं। खासकर चंबा जैसे पहाड़ी जिले में, जहां परिवहन लोगों की मूलभूत जरूरत है, यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। चंबा डिपो में पहले करीब 150 बसें हुआ करती थी, लेकिन इनमें से 10 कंडम और 20 खराब घोषित हो गई। कुल मिलाकर 120 बसें जिला के विभिन्न रूटों पर दौड़ रही हैं, जो कहीं भी हांफ जा रही हैं।

यह बात खुद शुगल सिंह डीडीएम एचआरटीसी ने भी स्वीकार की है। शुगल सिंह ने स्टाफ की कमी के साथ बसों की भी कमी की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि अतिरिक्त बसों की जरूरत है। इस बारे में उच्चाधिकारी को भी अवगत करवाया जा चुका है।



