अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयहिमाचल प्रदेश

भावुक संदेश: ‘हम सिर्फ नाविक नहीं, वैश्विक व्यापार के रक्षक’

युद्ध के बीच खाड़ी में फंसे भारतीय कैप्टन रमन कपूर का संदेश

कुल्लू/ नई दिल्ली।

खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध संकट के बीच फारस की खाड़ी में तैनात भारतीय कैप्टन रमन कपूर ने भावुक संदेश जारी कर दुनिया का ध्यान नाविकों (सीफेयरर्स) की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वे और उनके जैसे हजारों नाविक युद्ध जैसे हालात के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उनकी चुनौतियां अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं।

कैप्टन रमन कपूर ने अपने संदेश में कहा, “नमस्ते, मैं कैप्टन रमन कपूर हूं और दुनिया भर के सभी नाविकों की ओर से बात कर रहा हूं। इस समय हम फारस की खाड़ी के युद्ध क्षेत्र के बीच बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। पूरी दुनिया खाड़ी देशों में चल रहे तनाव को देख रही है, लेकिन इन हालातों के बीच भी हम अपनी ड्यूटी पर डटे हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि नाविकों की बहादुरी और लचीलापन ही है कि वे हर परिस्थिति में वैश्विक व्यापार को चलायमान रखते हैं। “हम सिर्फ नाविक नहीं हैं, हम वैश्विक व्यापार के रक्षक हैं। हमारी भूमिका भले ही सुर्खियों में न आए, लेकिन अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य की रीढ़ हम ही हैं,” उन्होंने कहा।

कैप्टन कपूर ने बताया कि दुनिया इस समय युद्ध, तेल और गैस की कीमतों, उर्वरकों और शेयर बाजारों पर नजर रख रही है, लेकिन समुद्र में काम कर रहे नाविकों को अक्सर भुला दिया जाता है। उन्होंने कहा, “हम बस चाहते हैं कि लोगों को पता चले कि हम यहां अपना काम कर रहे हैं और हमें उनके समर्थन की जरूरत है।”

उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील करते हुए कहा कि नाविकों को युद्ध के लिए प्रशिक्षित नहीं किया जाता, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। “अब समय आ गया है कि दुनिया हमारे योगदान को पहचाने और हमारी सुरक्षा को प्राथमिकता दे।

अंत में कैप्टन रमन कपूर ने सभी के लिए मंगलकामनाएं करते हुए कहा, “भगवान सभी का भला करे।” विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालातों में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नाविकों की सलामती वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्री रास्तों से ही संचालित होता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!