प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने को नए संसाधनों के सृजन पर दिया बल : अग्निहोत्री
गणतंत्र दिवस पर उप मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में फहराया ध्वज
धर्मशाला।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को कांगड़ा जिले के मुख्यालय धर्मशाला के पुलिस मैदान में आयोजित जिला स्तरीय 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने इस अवसर पर राष्टीय ध्वज फहराया तथा सेना, पुलिस, होम गार्ड्स, एनएसएस और स्काउट एवं गाइड्स की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत शानदार परेड की सलामी ली।
अपने सम्बोधन में मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस हमारे लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। इसी दिन हमारे देश में संवैधानिक व्यवस्था लागू हुई और भारत समूचे विश्व में सबसे बड़े लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने देश और प्रदेश के उन स्वतंत्रता सेनानियों, शहदी जवानों और देशभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश को स्वाधीनता दिलवाने के लिए सर्वाच्च बलिदान दिए।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नए संसाधनों के सृजन पर बल दिया गया है जिसके कारण पिछले तीन वर्षों में 26 हजार 683 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। पिछले तीन वर्षों में सरकारी और निजी क्षेत्र में 56,855 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। 680 करोड़ रूपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ई-टैक्सी खरीदने की सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला को हिमाचल प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए धर्मशाला में ही पर्यटन निगम का राज्य मुख्यालय स्थानांतरित किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नड्डी क्षेत्र में एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन बनाई जाएगी। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है जिससे यहां एयरबस एवं रात्रि लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी। पालमपुर में हेलिपोर्ट और धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा है। पौंग क्षेत्र में पर्यटन, वाॅटर स्पोर्ट्स व साहसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार एनआईटी हमीरपुर विशेषज्ञों के सहयोग से ज्वालामुखी मंदिर के सौंदर्यीकरण पर कार्य कर रही है जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि देहरा उप-मंडल के बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 72 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। पिछले तीन वर्षों में 15 हजार 247 हेक्टेयर कृषि और बागबानी क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान की गई है। जन सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर नए वृत, मंडल, उपमंडल और अनुभाग खोले गए हैं जिनमें कांगड़ा जिला के देहरा में नया जल शक्ति वृत, ज्वालामुखी और जयसिंहपुर में नया जल शक्ति मंडल, मझीण में उप-मंडल और सिल्ह, टिहरी, देहरा-दो में नए अनुभाग शामिल हैं।
अग्निहोत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला में बेहतर पेयजल और सिंचाई के लिए सरकार ने 354 योजनाएं स्वीकृत की हैं जिनमें से 192 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन योजनाओं के लिए 3360 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के लिए 213.40 करोड़ रुपये की सुकाहार मध्यम सिंचाई परियोजना तथा ज्वालामुखी क्षेत्र की पंचायतों के लिए 333.49 करोड़ रुपये की पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत कांगड़ा जिला में 222 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनके लिए 1005.04 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है तथा 814.02 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 162 योजनाओं का कार्य पूरा कर लिया गया है और बाकी 60 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर हैं। शहरी पेयजल की 6 योजनाओें के लिए 169.06 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है जिसमें से अब तक 82.61 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला में 9 सीवरेज योजनाओं के लिए 433.94 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है और 93.52 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई योजना के लिए कुल स्वीकृत 643.68 करोड़ रुपये में से 301.48 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। देहरा क्षेत्र में केन्द्रीय विश्वविद्यालय परिसर के लिए ब्यास नदी से 1987.87 लाख रुपये की पेयजल योजना वन्य प्राणी परिसर योजना पर कार्य चल रहा है।



