कर्ज़, कटौती और कुशासन सुक्खू सरकार के आधारभूत स्तंभ : विश्व चक्षु
कहा, मोदी के तोहफों की सुक्खू को कद्र नहीं, करोड़ों का बजट मिलने पर भी सरकार को तसल्ली नहीं

धर्मशाला।
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट-2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतिबिंब है। यह विकसित भारत का नया संकल्प है, जिसमें उभरते भारत की विकासशील तस्वीर दिख रही है, लेकिन विपक्षी दल कांग्रेस को कुछ दिख ही नहीं रहा। इसकी वजह साफ है कि उसने कभी देश को आगे बढ़ाने की नहीं सोची, बल्कि खुद के विकास और अपनी जेबें भरने की सोची। यह कहना है हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु का।
केंद्र द्वारा पेश किए गए बजट को विकसित भारत की दिशा में निर्णायक और ऐतिहासिक कदम करार देते हुए चक्षु ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के विजऩ, संकल्प और सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास की जीवंत तस्वीर है। बजट-2026 में आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को नई ऊर्जा मिली है।
सुक्खू ने 50 साल पीछे धकेला हिमाचल
एडवोकेट विश्व चक्षु ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ़ प्रधानमंत्री मोदी हिमाचल को विकास की सौगात दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ़ प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह दिशाहीन, भ्रमित और विफल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित तमाम कांग्रेस नेता बजट पर अनर्गल और बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं। असलियत तो यह है कि झूठे बादों की नाव पर सवार सुक्खू सरकार ने हिमाचल 50 साल पीछे धकेल दिया है। बेतुके फैसले लेकर हिमाचल को कमजोर करके रख दिया है, जिसका जवाब हिमाचल की जनता देने को बेताव है। कर्ज़, कटौती और कुशासन सुक्खू सरकार के आधारभूत स्तंभ हैं। कांग्रेस सरकार के पास न विजऩ है, न नीति और न ही नीयत। केंद्र से मिल रही विकास योजनाओं को लागू करने के बजाय कांग्रेस सरकार केवल आरोप, बहाने और सत्ता संघर्ष में उलझी हुई है। प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार का पूरा कार्यकाल कर्ज़ बढ़ाने, युवाओं को निराश करने और कर्मचारियों-पेंशनरों को गुमराह करने में ही निकल रहा है।
पहाड़ों के विकास का रोडमैप तैयार
एडवोकेट चक्षु ने कहा कि इस बजट में हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों की ज़रूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है। सडक़, रेल और कनेक्टिविटी के लिए बढ़ा हुआ निवेश पर्यटन, सेब उत्पादकों और बागबानी क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान करेगा, जबकि जल विद्युत, हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान है। युवाओं के लिए स्टार्टअप, स्किल डिवेलपमेंट और रोजगार के अवसर देश सहित हिमाचल के विकास को ऊंची उड़ान देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा हिमाचल को दिल से समर्थन दिया है और बजट-2026 उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
मोदी का मंत्र, सबका विकास, सबका भविष्य सेफ
प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला और युवा-चारों स्तंभों को मज़बूत करता है। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, किसानों की आय वृद्धि, युवाओं के लिए नए अवसर और मध्यम वर्ग को राहत-हर वर्ग के लिए इसमें ठोस प्रावधान हैं। एडवोकेट विश्व चक्षु ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में बजट-2026 भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की नींव को और मजबूत करेगा, और हिमाचल प्रदेश इस विकास यात्रा का अग्रणी साझेदार बनेगा।
जनता देख रही, कौन कर रहा विकास और कौन फैला रहा झूठ
एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि बजट-2026 ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि देश और प्रदेश का भविष्य केवल भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में ही सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता अब भली-भांति समझ चुकी है कि दिल्ली में विकास का इंजन पूरी रफ्तार से चल रहा है, लेकिन शिमला में बैठी कांग्रेस सरकार उस इंजन पर ब्रेक लगाने का काम कर रही है।



