106वां स्थापना दिवस: कांगड़ा बैंक ने ग्राहकों के लिए लांच की ई-वाहन ऋण योजना
मात्र 7.50 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर
धर्मशाला
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक ने अपने 106वें स्थापना दिवस के अवसर पर ग्राहकों के लिए एक नई और आकर्षक योजना कांगड़ा बैंक ई-वाहन ऋण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत व्यक्तिगत उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों की खरीद पर आसान और किफायती ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। बैंक ने इस योजना के जरिए पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्राहकों को सस्ती फाइनेंसिंग देने का प्रयास किया है।
बैंक के एमडी जफ़र इक़बाल ने बताया कि इस स्कीम में मात्र 7.50 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर रखी गई है, जो बाजार में उपलब्ध दरों के मुकाबले काफी कम मानी जा रही है। इस योजना का लाभ सरकारी कर्मचारियों, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों, पेशेवरों, व्यापारियों और किसानों सहित विभिन्न वर्गों के लोग उठा सकते हैं। सरकारी कर्मचारियों को उनके वेतन का 40 गुना तक और गैर वेतनभोगी लोगों को उनकी वार्षिक आय का दो गुना तक ऋण मिल सकेगा। वाहन की कीमत का केवल 10 प्रतिशत मार्जिन रखना होगा और ऋण चुकाने के लिए अधिकतम 7 वर्षों का समय दिया जाएगा।
बैंक ने प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखते हुए राशि सीधे अधिकृत डीलरों को देने की व्यवस्था की है। इसी के साथ, आगामी नवरात्रि को ध्यान में रखते हुए बैंक ने अपने मौजूदा वाहन ऋण पर ब्याज दर को 8.00 प्रतिशत से घटाकर 7.60 प्रतिशत कर दिया है। इस विशेष ऑफर से त्योहार के दौरान ग्राहकों को वाहन खरीदने में अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो बैंक की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। 31 मार्च 2025 को बैंक के कुल जमा 14,888.67 करोड़ रुपए थे, जो 15 मार्च 2026 तक बढ़कर 15,663.31 करोड़ रुपए हो गए हैं।
ऋण पोर्टफोलियो 31 मार्च 2025 को रुपए 4,424.02 करोड़ से घटकर 15 मार्च 2026 को रुपए 4,299.70 करोड़ रहा, जो बैंक की सावधानीपूर्वक ऋण वितरण नीति को दर्शाता है। बैंक ने एनपीए में भी उल्लेखनीय सुधार किया है। नेट एनपीए 31 मार्च 2025 के रुपए 212.13 करोड़ (5.62 प्रतिशत) से घटकर फरवरी 2026 में रुपए 112.09 करोड़ ( 3.10 प्रतिशत) रह गया है।
यह सुधार बैंक की बेहतर वसूली और मजबूत जोखिम प्रबंधन का परिणाम माना जा रहा है। कुल मिलाकर, कांगड़ा बैंक की यह नई योजना न केवल ग्राहकों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराएगी, बल्कि हरित परिवहन को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।



