सुक्खू सरकार का बजट: शब्दों व आंकड़ों का भ्रम जाल : संजय शर्मा
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आज शनिवार को प्रस्तुत किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को भारतीय जनता पार्टी ने ‘निराशाजनक’ और ‘राज्य की प्रगति पर ब्रेक’ लगाने वाला करार दिया है।
भाजपा हिमाचल प्रवक्ता संजय शर्मा ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट के आकार में लगभग ₹4,000 करोड़ की कटौती को दर्शाता है, जो सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
यह बजट…
– विफलताओं का दोष केंद्र पर मढ़ने की राजनीति: मुख्यमंत्री ने अपने पूरे बजट भाषण में विकास की नई राह दिखाने के बजाय केंद्र सरकार और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को बंद करने का रोना रोया है। अपनी प्रशासनिक अक्षमता को छिपाने के लिए केंद्र पर दोषारोपण करना अब इस सरकार की परिपाटी बन चुकी है। जबकि हकीकत यह है कि केंद्र सरकार ने टैक्स डिवोल्यूशन के माध्यम से हिमाचल को रिकॉर्ड सहायता प्रदान की है।
– बजट में कटौती, विकास पर प्रहार: पिछले वर्ष के ₹58,514 करोड़ के मुकाबले इस बार बजट को घटाकर ₹54,928 करोड़ करना यह साबित करता है कि प्रदेश में विकास कार्य ठप हो चुके हैं। यह राज्य के युवाओं, किसानों और बागवानों के साथ विश्वासघात है।
– अधूरी गारंटी और नई योजनाएं: मुख्यमंत्री ‘मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार’ जैसी नई योजनाओं की घोषणा कर रहे हैं, जबकि सत्ता में आने से पहले दी गई ’10 गारंटियों’ का कहीं अता-पता नहीं है। 1,500 रुपये की सम्मान निधि की घोषणा केवल कागजों तक सीमित है और ज़मीनी स्तर पर पात्र महिलाओं को अब भी इंतज़ार है।
– महंगाई का बोझ: अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध का हवाला देकर अपनी ज़िम्मेदारी से भागने वाली सुक्खू सरकार ने प्रदेश की जनता पर टैक्स और महंगाई का बोझ बढ़ाने के संकेत दिए हैं, जिससे आम आदमी की कमर टूटना तय है।
भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता इस दिशाहीन बजट को स्वीकार नहीं करेगी। सदन से लेकर सड़क तक भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और झूठी घोषणाओं का पर्दाफाश करेगी। सरकार को चाहिए कि वह श्वेत पत्र जारी कर बताए कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के कर्ज और विकास की वास्तविक स्थिति क्या है।



