इंद्रू नाग का आशीर्वाद और HPCA का पराक्रम: धौलाधार की गोद में हुआ भारत-अफगानिस्तान महामुकाबला
बारिश पर भारी पड़ा आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम; अनुराग ठाकुर ने बेल बजाकर किया धर्मशाला वनडे का आगाज
धर्मशाला।
बर्फ की सफेद चादर ओढ़े धौलाधार पर्वतमाला और बादलों की लुका-छिपी के बीच आज धर्मशाला के एचपीसीए (HPCA) स्टेडियम में क्रिकेट का अद्भुत संगम देखने को मिला। रात भर हुई भारी बारिश ने प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन स्थानीय आराध्य देव इंद्रू नाग जी के आशीर्वाद और एचपीसीए के विश्वस्तरीय प्रबंधन ने एक बार फिर असंभव को संभव कर दिखाया। जैसे ही बादलों को चीरकर सूर्य की पहली किरणें मैदान पर पड़ीं, हजारों क्रिकेट प्रेमियों के चेहरे खिल उठे।

बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने पारंपरिक ‘बेल’ (घंटी) बजाकर भारत और अफगानिस्तान के बीच इस बहुप्रतीक्षित एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले का विधिवत शुभारंभ किया।
महज 30 मिनट में तैयार हुआ मैदान
पहाड़ों के अनिश्चित मौसम के बीच मैच का सफल आयोजन एचपीसीए की उत्कृष्ट संचालन क्षमता का प्रमाण है। तीन दिनों की लगातार बारिश के बावजूद, खेल को बारिश रुकने के मात्र आधे घंटे के भीतर शुरू कर दिया गया। यह चमत्कार मुमकिन हुआ स्टेडियम में स्थापित अत्याधुनिक ‘एसआईएस टर्फ मैनेजमेंट’ (SIS Turf Management) और ‘सब-सर्फेस ड्रेनेज सिस्टम’ की बदौलत। अत्याधुनिक सुपर सॉपर्स और समर्पित ग्राउंड स्टाफ की रातभर की अथक मेहनत ने यह सुनिश्चित किया कि मैदान का एक भी कोना गीला न रहे।

आंकड़ों में धर्मशाला का दबदबा
हिमालय की गोद में स्थित यह मैदान केवल अपनी खूबसूरती ही नहीं, बल्कि अपने शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के लिए भी जाना जाता है। अब तक यहाँ आयोजित 26 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 22 का सफलतापूर्वक संपन्न होना, इस चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र के लिए एक असाधारण उपलब्धि है। आज का यह मुकाबला धर्मशाला में आयोजित 11वां वनडे मैच है। ऐतिहासिक रूप से यहां टॉस जीतने वाली टीमें पहले गेंदबाजी करना पसंद करती हैं, और आज का माहौल भी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार नजर आ रहा है।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिली नई उड़ान
मैदान के भीतर जहां रोहित शर्मा, शुभमन गिल, केएल राहुल और श्रेयस अय्यर जैसे सितारों को देखने के लिए उत्साह चरम पर है, वहीं मैदान के बाहर कांगड़ा घाटी की अर्थव्यवस्था भी गुलजार है। धर्मशाला के होटल, होमस्टे और स्थानीय बाजार दर्शकों की भारी आमद से भरे हुए हैं। खेल के माध्यम से पर्यटन को मिलने वाली यह संजीवनी क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है।

एक अविस्मरणीय अनुभव
पन्ने जैसी हरी आउटफील्ड और चांदी जैसी चमकती धौलाधार की चोटियों का यह दृश्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक अद्वितीय वातावरण तैयार कर रहा है। दर्शकों के लिए यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि प्रकृति के वैभव और खेल के जुनून का उत्सव है। तिरंगे की आन-बान-शान के बीच, धर्मशाला ने आज एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि इसे दुनिया के सबसे खूबसूरत क्रिकेट स्टेडियमों की सूची में शीर्ष पर क्यों रखा जाता है।

HPCA परिवार के लिए यह गौरव का क्षण है, जहां वर्षों का निवेश, आधुनिक तकनीक और हिमाचल में खेल संस्कृति को वैश्विक मानचित्र पर लाने का उनका संकल्प आज धरातल पर साकार होता दिख रहा है।


