कांगड़ा के गांवों में डिजिटल क्रांति: 400 पंचायतों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड फाइबर नेटवर्क
अब इंटरनेट की रफ्तार से दौड़ेंगे कांगड़ा के गांव, भवारना और परागपुर में सेवा शुरू, 225 पंचायतें ऑनलाइन
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। ‘भारतनेट’ परियोजना के तहत अब जिले की दूरदराज की पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना क्रांति का नया अध्याय शुरू होगा।
बीएसएनएल धर्मशाला के वरिष्ठ महाप्रबंधक डॉ. विपिन कुमार मौर्या ने बताया कि जिले की लगभग 400 ग्राम पंचायतों को भारतनेट के दायरे में लाया जाएगा। वर्तमान में कांगड़ा के आठ प्रमुख ब्लॉकों में फाइबर बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। भवारना ब्लॉक में नेटवर्क स्थापना का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि परागपुर, पंचरुखी, सुलह, फतेहपुर और इंदौरा जैसे क्षेत्रों में कार्य प्रगति पर है।
डिजिटल इंडिया के इस विजन को धरातल पर उतारते हुए भवारना और परागपुर ब्लॉकों में कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक लगभग 30 सक्रिय कनेक्शन दिए जा चुके हैं। डॉ. मौर्या के अनुसार, जिले की 225 ग्राम पंचायतें अब तकनीकी रूप से सिस्टम (Live) पर आ चुकी हैं। जिन पंचायतों में विद्युत आपूर्ति और आवश्यक उपकरणों का इंस्टॉलेशन पूरा हो चुका है, वहां तुरंत प्रभाव से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत अत्याधुनिक FTTH (फाइबर टू द होम) तकनीक का उपयोग है, जो न केवल तेज रफ्तार इंटरनेट सुनिश्चित करती है, बल्कि डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता को भी बढ़ाती है। नेटवर्क की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इसे ‘रिंग सिस्टम’ पर आधारित किया गया है। इस तकनीक का लाभ यह है कि यदि किसी एक स्थान पर ऑप्टिकल फाइबर केबल कट जाती है या कोई तकनीकी खराबी आती है, तो दूसरी दिशा से कनेक्टिविटी स्वतः बहाल रहेगी, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा मिलेगी।
इस पहल से न केवल पंचायतों का प्रशासनिक कार्य सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और ई-गवर्नेंस सेवाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा।



