अब जनता की बारी: हिमाचल के 51 निकायों में थमा चुनावी शोर
3.60 लाख मतदाता तय करेंगे प्रत्याशियों की किस्मत
शिमला।
हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों का रण अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार शाम 5:00 बजे राज्य के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए धुआंधार प्रचार का शोर थम गया। प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस और भाजपा सहित सभी निर्दलीय प्रत्याशियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगाते हुए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। अब चुनावी रैलियों और लाउडस्पीकरों की जगह प्रत्याशी ‘डोर-टू-डोर’ जनसंपर्क के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे।
17 मई को मतदान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हिमाचल के चार नगर निगमों सहित कुल 51 शहरी निकायों के लिए 17 मई को मतदान होगा। मतदाता सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ईवीएम (EVM) का बटन दबाकर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रदेश भर में 589 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के लिहाज से प्रत्येक केंद्र पर पुलिस और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है। राज्य चुनाव आयोग शनिवार को पोलिंग पार्टियों को अंतिम प्रशिक्षण देकर ईवीएम के साथ गंतव्य की ओर रवाना करेगा।
नतीजों का गणित: कब और कैसे?
चुनाव आयोग के अनुसार, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम मतदान वाले दिन यानी 17 मई की शाम को ही घोषित कर दिए जाएंगे। हालांकि, नगर निगमों के परिणामों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा, जिनकी मतगणना 31 मई को निर्धारित की गई है।
वोटरों का प्रोफाइल और आरक्षण की स्थिति
लोकतंत्र के इस महापर्व में इस बार कुल 3,60,859 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिला और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं। सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए, इन चुनावों में अनुसूचित जाति के लिए 89, अनुसूचित जनजाति के लिए 12 और महिलाओं के लिए रिकॉर्ड 195 पद आरक्षित किए गए हैं।
कांगड़ा में सबसे बड़ी जंग
मैदान में उतरे प्रत्याशियों की संख्या पर गौर करें तो जिला कांगड़ा में सबसे कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां सर्वाधिक 218 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसके बाद मंडी में 180, शिमला में 123, सोलन में 121 और ऊना में 118 प्रत्याशी मैदान में हैं। अन्य जिलों में कुल्लू (100), बिलासपुर (87), सिरमौर (84), चंबा (72) और हमीरपुर (44) उम्मीदवार चुनावी दंगल में ताल ठोक रहे हैं। 16 मई तक सभी मतदान केंद्रों को पूरी तरह स्थापित कर चुनाव की अंतिम तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।


