शीतकालीन सत्र : पहले ही दिन हंगामे की आशंका पर सरकार ने चर्चा के लिए भरी हामी
पंचायत चुनाव में देरी करने पर विपक्ष लाया स्थगन प्रस्ताव
धर्मशाला
तपोवन में हिमाचल की 14वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन सदन में प्रश्नकाल में गतिरोध पैदा कर विपक्ष पंचायत चुनाव में देरी करने पर सारा काम रोककर स्थगन प्रस्ताव ले आई। इस पर हंगामा होने की आशंका थी पर सरकार ने चर्चा के लिए हामी भर दी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि संविधान की सबसे बड़ी रक्षक कांग्रेस पार्टी है, महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में कांग्रेस ने आरक्षण का प्रावधान किया। सरकार कानून के अनुसार सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कानून की परिधि में रहकर पंचायत चुनाव करवाएंगे। पूर्व भाजपा सरकार ने अपने शासनकाल में शिमला नगर निगम के चुनाव नाै महीने देरी से करवाए। भाजपा पांच गुटों में बंटी है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तनाव में रहते हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह मामला अर्धन्यायिक रहा है, बावजूद इसके विपक्ष ने आज संविधान दिवस होने की बात की है तो सरकार ने इसे मंजूर किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कानून का यदि सही मायने में कोई संरक्षक है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। जो भी इस संबंध में कार्य हो रहा है वह कानून की परिधि में हो रहा है। कानून की परिभाषा को स्पष्ट करने का अधिकार न्यायालय के पास है और मामला कोर्ट में है।
इससे पहले भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि सरकार सांविधानिक संस्थाओं का सम्मान करें। पंचायत चुनाव समय पर होने चाहिए। आज विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में संविधान की प्रस्तावना भी सभी से पढ़वाई। चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा, ‘आपदा प्रबंधन एक्ट लगाकर इसकी आड़ में चुनाव टाले जा रहे हैं। कोविड जैसा संकट होने के बावजूद भाजपा सरकार ने चुनाव करवाए। यह बहुत बड़ा संकट था। उससे बड़ा संकट आज की तिथि में नहीं है।’



