‘फर्जी खबरों की फैक्ट्री है कांग्रेस’, जगत सिंह नेगी के बयान पर भाजपा प्रवक्ता राकेश शर्मा का पलटवार
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पर की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश शर्मा ने धर्मशाला में एक प्रेस वक्तव्य जारी कर नेगी के बयानों पर कड़ा पलटवार किया। शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जगत सिंह नेगी को बयानबाजी करने से पहले कांग्रेस के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त पढ़ लेनी चाहिए।
राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में फर्जी डिग्रियां बेचने और पेपर लीक करने का संगठित कारोबार चला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में कितनी फर्जी डिग्रियां बेची गईं, इसकी फाइल बहुत बड़ी है। यूपीए सरकार के समय हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर फर्जी डिग्रियों का धंधा करने वालों से कांग्रेसी नेता मोटा कमीशन वसूलते थे। उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल में निजी विश्वविद्यालयों को खोलने की दोषपूर्ण नीतियां भी कांग्रेस सरकार की ही देन हैं, जिस पर बाद में भाजपा सरकार ने कड़ी कार्रवाई की थी।
नीट पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस अब ‘फर्जी खबरों की फैक्ट्री’ बन चुकी है, जिसके माध्यम से वह तथ्यहीन विमर्श खड़ा कर केंद्र सरकार की छवि धूमिल करने का असफल प्रयास कर रही है।
प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार पर हमला बोलते हुए राकेश शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रणी पायदान पर था। लेकिन पिछले कुछ समय में सुक्खू सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या जगत सिंह नेगी यह भूल गए हैं कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेश के लगभग 900 शिक्षण संस्थानों पर ताले जड़ दिए?
कांग्रेसी भ्रष्टाचार की किताब पढ़ें नेगी
राकेश शर्मा ने कहा कि शायद जगत सिंह नेगी भूल गए कि भाजपा और उसके नेतृत्व पर उंगली उठाने से पहले जगत सिंह नेगी को अपने दल के काले कारनामों और भ्रष्टाचार के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा जनता के हितों और शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करने वाले किसी भी तत्व को बख्शने वाली नहीं है।


