राजनीतिहिमाचल प्रदेश

कांगड़ा में गाड़ियों की पासिंग व्यवस्था को सुक्खू सरकार ने किया तहस-नहस : सुधीर शर्मा

लाखों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और आजीविका से जुड़ा हुआ है यह मामला

धर्मशाला।

भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांगड़ा जिला में गाड़ियों की पासिंग व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला लाखों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और आजीविका से जुड़ा हुआ है, जिसे सरकार ने नजरअंदाज कर दिया है।

सुधीर शर्मा ने शनिवार को धर्मशाला में जारी एक बयान में कहा कि पहले कांगड़ा जिला में आरटीओ और एमवीआई द्वारा 21 विभिन्न केंद्रों पर गाड़ियों की पासिंग की सुविधा उपलब्ध थी, जिससे लोगों को सुविधा मिलती थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर लंज के निकट गाहलियां में एकमात्र ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर स्थापित कर दिया है, जिसे एक निजी फर्म संचालित कर रही है।

विधायक सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि इस नए सिस्टम के कारण दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले वाहन मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, पासिंग प्रक्रिया के दौरान उनसे अत्यधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जिसमें फाइल चार्ज से लेकर अन्य प्रक्रियाओं में हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं।

सुधीर शर्मा ने सवाल उठाया कि जब एक ऑटो रिक्शा को केवल 20 किलोमीटर के दायरे में ही चलने की अनुमति है, तो बैजनाथ जैसे क्षेत्र से चालक लगभग 135 किलोमीटर दूर गाहलियां कैसे पहुंचेगा। उन्होंने इसे नियमों के विरुद्ध और अव्यवहारिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में इस नियम को लागू नहीं किया गया है, जहां अब भी आरटीओ और एमवीआई द्वारा गाड़ियों की पासिंग की जा रही है। यह भेदभावपूर्ण नीति सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है।

विधायक शर्मा ने कहा कि हजारों लोग इस विषय को लेकर उनके पास शिकायत लेकर पहुंचे हैं और उन्होंने प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपा है। बावजूद इसके, जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

डीसी ने नहीं की कार्रवाई

हाल ही में कई ड्राइवरों व जनता ने धर्मशाला में डीसी हेमराज बैरवा को इस बारे में ज्ञापन दिया था, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। सुधीर शर्मा ने कहा कि उन्होंने धर्मशाला डीसी आफिस का एक सिस्टम बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में जनता के काम नहीं हो रहे हैं। अधिकारियों द्वारा जनता की अनदेखी और पेंडेंसी की सबसे ज्यादा शिकायतें धर्मशाला जो जिला मुख्यालय है वहां से आ रही हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय को शीघ्र नहीं बदला और पहले की तरह 21 केंद्रों पर गाड़ियों की पासिंग की व्यवस्था बहाल नहीं की, तो जनता के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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