सुरों की मल्लिका आशा भोंसले का निधन: 92 साल की उम्र में थमी संगीत की जादुई आवाज
एक युग का अंत, जिसने निजी दुखों को मात देकर दुनिया को सुरों से सजाया
धर्मशाला।
बॉलीवुड की दिग्गज गायिका आशा भोंसले नहीं रहीं। उन्होंने 92 साल की उम्र में आज रविवार 12 अप्रैल को दुनिया को अलविदा कह दिया है। 92 वर्ष की आयु में भी उनकी जीवंतता और संगीत के प्रति समर्पण अतुलनीय है-90 की उम्र में भी उन्होंने मंच पर अपनी जादुई आवाज से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया था।
स्वर्णिम करियर
अपने शानदार करियर में 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज देने वाली आशा जी का सफर केवल सफलता की चमक तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने हर शैली में अपनी छाप छोड़ी है।
प्रारंभिक संघर्ष
1933 में सांगली में जन्मी आशा ने मात्र 9 साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था। परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए उन्होंने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर संगीत की राह चुनी। दोनों बहनों ने मिलकर कठिन समय में परिवार का सहारा बना।
निजी जीवन की चुनौतियां
16 साल की मासूम उम्र में उन्होंने अपने सेक्रेटरी गणपतराव भोंसले से भागकर शादी की, जो उनसे उम्र में काफी बड़े थे। गणपतराव उस समय 31 वर्ष के थे। परिवार के कड़े विरोध और बहन लता मंगेशकर की नाराजगी के बावजूद उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, यह प्रेम विवाह लंबे समय तक नहीं टिक सका और 11 साल बाद यह रिश्ता टूट गया। जीवन के थपेड़ों, दो शादियों के उतार-चढ़ाव और अपनी बेटी की खुदकुशी जैसे गहरे दुखों के बावजूद, आशा जी ने कभी हार नहीं मानी। आज भी, वह अपनी आवाज से दुनिया को खुशियां बांट रही हैं और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।


