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सुधीर शर्मा का मिशन सफल: धर्मशाला BDC चुनाव में भाजपा की क्लीन स्वीप

विरोधियों को दी करारी मात

धर्मशाला।

धर्मशाला विकासखंड की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने अपना परचम लहराते हुए पंचायत समिति के शीर्ष पदों पर कब्जा जमा लिया है। वीरवार को कड़ी सुरक्षा और गहमागहमी के बीच संपन्न हुए चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, दोनों ही पदों पर शानदार जीत दर्ज की। नरवाना खास वार्ड से आलोक कुमार को पंचायत समिति का नया अध्यक्ष चुना गया, जबकि मन्दल वार्ड की सरोज कुमारी ने उपाध्यक्ष पद की कमान संभाली है।

भाजपा के पक्ष में रहा पलड़ा
एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न की देखरेख में संपन्न हुई इस चुनावी प्रक्रिया में सभी 18 निर्वाचित सदस्यों ने हिस्सा लिया। चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो अध्यक्ष पद के लिए आलोक कुमार को 12 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी सुरिंदर सिंह उर्फ सोनू को मात्र 6 वोटों से संतोष करना पड़ा। वहीं, उपाध्यक्ष पद के मुकाबले में सरोज कुमारी ने 10 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि विपक्षी उम्मीदवार जय ललिता को 7 वोट मिले (एक वोट अमान्य घोषित किया गया)।

विकास की नई प्रतिबद्धता
बीडीसी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आलोक कुमार ने अपनी इस जीत का श्रेय विधायक सुधीर शर्मा के कुशल नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं की एकजुटता को देते हुए कहा कि हमारी प्राथमिकता क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं, विशेषकर पेयजल किल्लत को दूर करना है। हम बिना किसी भेदभाव के पूरे विकासखंड में विकास कार्यों को नई गति देंगे। नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष सरोज कुमारी ने भी भरोसा दिलाया कि वह अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाते हुए जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगी।

विधायक सुधीर शर्मा का प्रहार और हुंकार
धर्मशाला में नगर निगम और बीडीसी अध्यक्ष के चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर खुशी जताते हुए विधायक सुधीर शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। सरकार पर निशाना साधते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि सत्ता पक्ष ने चुनाव की तिथियां घोषित करने में जानबूझकर देरी की, लेकिन भाजपा की एकजुटता ने उनकी हर रणनीति को विफल कर दिया।

सुधीर शर्मा ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि भाजपा को अपने बहुमत पर पहले दिन से भरोसा था। अब हम जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनावों में हो रही देरी के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। सुधीर शर्मा ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

धर्मशाला पंचायत समिति में भाजपा की इस बड़ी जीत को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब क्षेत्र की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई टीम विकास के दावों पर कितनी खरी उतरती है।

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