राजनीतिक प्रतिशोध की आग में जल रही सुक्खू सरकार : सुधीर शर्मा
होशियार सिंह पर विजिलेंस केस को लेकर सुधीर शर्मा का तीखा प्रहार
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट पैदा हो गई है। देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ विजिलेंस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) पर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक कड़े प्रेस बयान में सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए जांच एजेंसियों का सहारा लेकर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
बदले की राजनीति’ का आरोप
सुधीर शर्मा ने कहा कि होशियार सिंह के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और प्रतिशोध से प्रेरित है। उन्होंने तर्क दिया कि विधायक ऐच्छिक निधि का उपयोग जनहित के कार्यों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए करना एक स्थापित प्रक्रिया है, जिसका पालन प्रदेश के सभी विधायक वर्षों से करते आ रहे हैं। बिना किसी ठोस आधार के विजिलेंस द्वारा आनन-फानन में मामला दर्ज करना यह साबित करता है कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है।
कमलेश ठाकुर के मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश
भाजपा विधायक ने एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि होशियार सिंह ने हाल ही में देहरा की विधायक और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर के खिलाफ एक शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसकी जांच चल रही है। सुधीर शर्मा के अनुसार इसी शिकायत से जनता का ध्यान भटकाने और राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए मुख्यमंत्री ने होशियार सिंह को फंसाने की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा चुनाव के दौरान रेवड़ियों की तरह बांटी गई राशि के खुलासे से सरकार बौखलाई हुई है।
लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संकट
सुधीर शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि आज प्रदेश में ऐसा दमघोंटू माहौल बन गया है, जहां सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले पत्रकार, समाजसेवी और विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमे थोपे जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा बताया और मांग की कि जांच एजेंसियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नाम पर ‘व्यवस्था पतन’
विकास कार्यों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का नारा देने वाली कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को ‘व्यवस्था पतन’ की ओर धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल की जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी गई हैं और विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। बैजनाथ आईटीआई भवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भुगतान न होने के कारण ठेकेदार द्वारा भवन पर ताला लगाना सरकार की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
सुधीर शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा इस दमनकारी राजनीति के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाकर सरकार के असली चेहरे को बेनकाब करेगी।


