भारत की ऐतिहासिक कूटनीतिक जीत, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: संजय शर्मा
धर्मशाला।
नई दिल्ली में संपन्न हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के साझा घोषणा पत्र को हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक और वाणिज्यिक जीत करार दिया है। उन्होंने इसे सीमा पार आतंकवाद फैलाने वाली ताकतों और वैश्विक मंच पर भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाले पाकिस्तान के लिए करारा झटका बताया है।
संजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण आज दुनिया न केवल भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति के साथ खड़ी है, बल्कि भारत के आर्थिक और व्यापारिक मॉडल का भी लोहा मान रही है।
ब्रिक्स के ‘नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026’ में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा करते हुए सीमा पार आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने वाले ठिकानों को खत्म करने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया है। यह सीधे तौर पर पाकिस्तान की आतंकी नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का करारा थप्पड़ है।
घोषणा पत्र में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले का कड़े शब्दों में उल्लेख और निंदा करवाना भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता है।
व्यापारिक मोर्चे पर भारत की पहल पर सभी ब्रिक्स देशों ने आपस में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और डिजिटल भुगतान प्रणालियों (UPI) को आपस में जोड़ने पर सहमति जताई है। इससे लेनदेन की लागत कम होगी और भारतीय व्यापारियों व MSME उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ा फायदा मिलेगा।
भारत की अगुवाई में एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों का कड़ा विरोध किया गया। इसके साथ ही दुर्लभ खनिजों की निर्बाध और पारदर्शी आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने पर सहमति बनी, जिससे भारत के औद्योगिक और वाणिज्यिक सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के बीच मतभेद दूर कराकर ‘विश्वमित्र’ के रूप में अपनी भूमिका साबित की है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 18वें ब्रिक्स सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं कर रहा, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ का नेतृत्व करते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और शांति की नई दिशा तय कर रहा है।



