हादसे का कारण बनी निर्माणाधीन नाली
विकास कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल
धर्मशाला।
प्रमुख पर्यटन और प्रशासनिक केंद्र धर्मशाला के व्यस्ततम फव्वारा चौक पर प्रशासनिक उदासीनता ने एक बार फिर किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दी। पिछले लगभग दस दिनों से यहां नाली निर्माण का कार्य चल रहा था, जिसे बेहद धीमी गति से अंजाम दिया जा रहा था। शुक्रवार की सुबह जब शहर की दिनचर्या शुरू हो रही थी, तभी एक बाइक सवार युवक इस निर्माणाधीन स्थल के पास अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाली के किनारों पर लगाए गए लोहे के जाल और ढीले मलबे के कारण बाइक का पहिया फिसला और युवक बाइक सहित गड्ढे में जा गिरा। हादसे में युवक के लेफ्ट पैर में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो फव्वारा चौक पर केसीसी बैंक के ठीक सामने सड़क के नीचे दबी मुख्य पानी की पाइपलाइन में लंबे समय से लीकेज हो रही थी। लगातार बह रहे पानी के कारण सड़क पर कीचड़ और फिसलन बन गई थी, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया था। स्थानीय व्यापारियों और व्यापार मंडल के बार-बार आग्रह के बाद प्रशासन ने मरम्मत और नाली निर्माण का कार्य शुरू तो किया, लेकिन इसकी सुस्त रफ्तार ने जनता के लिए राहत की जगह आफत पैदा कर दी। हालांकि एक दिन पूर्व ही इस मार्ग को दोपहिया वाहनों के लिए आंशिक रूप से खोला गया था, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह मार्ग मौत का कुआं साबित हुआ।
धर्मशाला व्यापार मंडल कोतवाली बाजार के प्रधान अनुज कश्यप ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने काम पूरा करने के लिए जो समय सीमा तय की थी, उसकी लगातार अनदेखी की गई। बारिश और अन्य विभागों की समन्वयहीनता का हवाला देकर काम लटकाया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पानी की पाइपों की गहराई निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं है, जिसके कारण बार-बार खुदाई और देरी की स्थिति बन रही है। टी-स्टॉल संचालक प्रदीप कुमार, जिनकी दुकान के ठीक सामने यह दुर्घटना घटी, ने बताया कि दिनभर यहाँ धूल, कीचड़ और अधूरे गड्ढों के बीच ग्राहकों का आना-जाना मुश्किल हो रहा है। दुकानदारों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि युद्धस्तर पर काम पूरा नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होंगे।



