
जयपुर
टोंक में आयोजित जिला कांग्रेस कमेटी की SIR कार्यशाला में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और टोंक विधायक सचिन पायलट ने सोमवार को नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ तौर पर संदेश दे दिया कि उनके आगे-पीछे घूमने, साफा पहनाने या फोटो खिंचवाने से किसी को टिकट नहीं मिलेगा। सचिन ने कहा कि यदि आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में टिकट चाहिए तो ढोल-मालाओं से दूर रहकर SIR के तहत गली-मोहल्लों में वास्तविक संगठनात्मक काम करना होगा।
सचिन ने कहा कि SIR अभियान पार्टी के लिए परीक्षा की घड़ी है और उसका उद्देश्य यह देखना है कि कहीं कांग्रेस का वोट सुनियोजित तरीके से चोरी तो नहीं किया जा रहा झाई। उन्होंने कहा कि अब फोटोशूट का समय बीत चुका है, काम करके दिखाना होगा। सचिन ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कार्यकर्ता संगठन की मंशा के अनुरूप काम नहीं करेंगे, उन्हें टिकट का ‘मेवा’ नहीं मिलेगा।
फील्ड में काम करें
सचिन ने कहा कि ‘आगे आने वाले समय मे पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव में टिकिट लेना है तो मेरे आगे-पीछे घूमना, साफे पहनाना और फ़ोटो खींचना छोड़कर फील्ड में काम करें। ढोल और मालाएं छोड़ कर SIR का काम करते हुए पार्टी को मजबूत करें।
गड़बड़ी को लेकर परेशान
पायलट ने SIR को एक अच्छी प्रक्रिया बताया, लेकिन मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर चिंता भी जताई। सचिन ने कहा कि बिहार चुनाव से पहले लाखों नाम गायब होना चुनाव आयोग की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। सचिन ने केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग के राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख बनाए रखना बेहद जरूरी है।
कार्यशाला के दौरान सचिन ने घोषणा की कि वह स्वयं अपने विधानसभा क्षेत्र के बीएलए के काम का मूल्यांकन करेंगे और देखेंगे कि किसने ईमानदारी से मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम किया और कौन लापरवाह रहा।



