शिक्षाहिमाचल प्रदेश

डिग्री प्राप्ति मात्र लक्ष्य नहीं, लोक-कल्याण हेतु ज्ञान के व्यावहारिक प्रयोग का संकल्प: राज्यपाल

चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के सभागार में आज 17वां दीक्षांत समारोह

पालमपुर।

चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के सभागार में आज 17वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविन्द्र गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल महोदय ने मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि शैक्षणिक उपाधि प्राप्त करना किसी भी छात्र के जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, किंतु यह अंतिम लक्ष्य नहीं है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि वास्तविक चुनौती और सार्थकता इस अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर उतारने में निहित है। उन्होंने युवा छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन की दिशा का निर्धारण करें और अपनी मेधा का उपयोग विशेष रूप से राष्ट्र के अन्नदाताओं एवं कृषक समुदाय के उत्थान के लिए करें।

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक एवं आर्थिकी का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हमारे राज्य की 90 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या कृषि एवं बागवानी पर निर्भर है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों और स्नातक युवाओं का उत्तरदायित्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों तथा छात्रों से अपील की कि वैज्ञानिक अनुसंधानों को केवल प्रयोगशालाओं की फाइलों तक सीमित न रखकर सीधे प्रयोगशाला से खेतों तक पहुँचाया जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।

राज्यपाल ने आधुनिक कृषि की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए शोध आधारित ज्ञान को निरंतर विस्तार देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विशेष रूप से रासायनिक खेती के विकल्पों को खोजने और समाज के लिए सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करने की दिशा में नवोन्मेषी कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय से उतीर्ण छात्र स्नातक अपनी प्रतिभा से न केवल संस्थान का गौरव बढ़ाएंगे, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के संवाहक भी बनेंगे।

समारोह के दौरान राज्यपाल ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 18 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए तथा कुल 340 स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों को डिग्रियां वितरित कीं। इससे पूर्व, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ए.के. पांडा ने राज्यपाल का विधिवत स्वागत किया और विश्वविद्यालय की प्रगति की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।


विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित एएसआरबी के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला और विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

समारोह में कृषि सचिव सी. पालरासु, विश्वविद्यालय की कुलसचिव मधु चौधरी, कृषि निदेशक डॉ. रविंद्र जसरोटिया, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, शिक्षक, गणमान्य लोग तथा भारी संख्या में छात्र एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

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