हिम क्वेस्ट जीतिए, इसरो घूमिए
आठवीं से 12वीं तक हर कक्षा के स्टेट टॉपर को मिलेगा इसरो जाने का मौका
घुमारवीं।
हिमाचल के मेधावी विद्यार्थियों के लिए मिनर्वा स्टडी सर्कल ने बड़ा अवसर दिया है। ‘हिम क्वेस्ट टैलेंट सर्च एग्जाम-2026’ में आठवीं से 12वीं कक्षा तक प्रत्येक वर्ग में स्टेट टॉप करने वाले विद्यार्थियों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा। यानी किताबों में पढ़े अंतरिक्ष विज्ञान और भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को विद्यार्थी इस बार करीब से देखने और समझने का मौका पाएंगे।
‘हिम क्वेस्ट-2026’ की परीक्षा 27 सितंबर को प्रदेशभर में ऑफलाइन आयोजित होगी। इसमें आठवीं, नौवीं, दसवीं तथा 11वीं-12वीं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को 17 सितंबर तक आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए विद्यार्थी www.himquest.com पर आवेदन कर सकते हैं।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को इसरो भ्रमण के साथ ट्यूशन फीस पर 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाएगी। द्वितीय स्थान पर लैपटॉप और 75 प्रतिशत, जबकि तृतीय स्थान पर टैबलेट और 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलेगी। चौथे और पांचवें स्थान के विद्यार्थियों को स्मार्ट घड़ी के साथ 40 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाएगी।
छठे से दसवें स्थान तक रहने वाले विद्यार्थियों को 30 प्रतिशत, 11वें से 20वें तक 25 प्रतिशत तथा 21वें से 50वें स्थान तक 15 प्रतिशत छात्रवृत्ति के साथ आकर्षक उपहार दिए जाएंगे। 51वें से 150वें स्थान तक आने वाले विद्यार्थियों को भी ट्यूशन फीस में 10 प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
हर जिले के टॉपर को विशेष सम्मान
राज्य स्तरीय पुरस्कारों के अलावा प्रत्येक जिले के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी को जिला टॉपर के रूप में सम्मानित किया जाएगा। जिला टॉपर को डिजिटल लेखन पट्टिका प्रदान की जाएगी। संस्था के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ प्रदेश की प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध करवाना है।
मिनर्वा स्टडी सर्कल के मुख्य प्रबंध निदेशक राकेश चंदेल ने कहा कि हिम क्वेस्ट के माध्यम से प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा। इसरो भ्रमण विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के साथ उन्हें बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करेगा।
मिनर्वा स्टडी सर्कल के सीएमडी राकेश चंदेल ने कहा कि प्रतिभा गांव या शहर देखकर पैदा नहीं होती, लेकिन अवसर हर विद्यार्थी को मिलना चाहिए। हिम क्वेस्ट के जरिए हमारा प्रयास है कि हिमाचल के छोटे शहरों और गांवों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और बड़े सपनों को साकार करें।



