कांगड़ा में मजबूत होगा आपदा प्रबंधन ढांचा, अब ‘ग्राउंड जीरो’ पर होगा आकलन
आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए विशेषज्ञों की टीम ने संभाला मोर्चा
धर्मशाला।
जिला कांगड़ा को Natural disasters के प्रति अधिक सुरक्षित और लचीला बनाने के लिए प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सोमवार को उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण’ को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की कार्ययोजना पर मंथन किया।
डीसी हेमराज बैरवा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘HP डिजास्टर रिस्क रिडक्शन प्रोग्राम’ के तहत जिला कांगड़ा में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न ‘एसेट्स’ (बुनियादी ढांचे) को विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इन प्रस्तावित परियोजनाओं के अध्ययन और सटीक मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों की एक विशेष कंसल्टेंसी टीम जिला कांगड़ा पहुंच चुकी है।
बैठक के दौरान टीम के साथ प्रारंभिक चर्चा की गई और आवश्यक डेटा साझा किया गया। यह विशेषज्ञ दल अब जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेगा और जमीनी हकीकत का आकलन करेगा। इस प्रक्रिया में टीम स्थानीय लोगों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से सीधा संवाद करेगी, ताकि एक व्यवहारिक और प्रभावी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जा सके।
डीसी बैरवा ने कहा कि इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य जिले में आपदाओं के खतरे को न्यूनतम करना है। आपदा प्रबंधन के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर न केवल भविष्य की आपदाओं का डटकर सामना किया जा सकेगा, बल्कि जान-माल के नुकसान को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर जिले में आधुनिक आपदा प्रबंधन प्रणालियों को लागू किया जाएगा।


