‘भाजपा को सत्ता में रहते सुधारनी चाहिए थी व्यवस्था’
सरकारी तंत्र के दुरुपयोग' के आरोपों पर मंत्री धर्मानी का पलटवार
धर्मशाला।
हिमाचल में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए धर्मानी ने कहा कि आलोचना करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए।
मंत्री धर्मानी ने स्पष्ट किया कि सुक्खू सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विपक्ष की उन तमाम बातों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करने के लिए तैयार है, जो राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश और समाज के हित में हों।
भाजपा को नसीहत देते हुए मंत्री धर्मानी ने कहा कि चुनाव का फैसला राजनीतिक दलों के नेता नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता करती है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए धर्मानी ने याद दिलाया कि जनता ने स्पष्ट जनादेश देकर कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी।
मंत्री धर्मानी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने विधायकों की खरीद-फरोख्त और दबाव की राजनीति के जरिए सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया, लेकिन उनके तमाम मंसूबे नाकाम रहे। धर्मानी ने गर्व के साथ कहा कि तमाम षड्यंत्रों के बावजूद आज भी विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 40 बनी हुई है, जो सरकार की स्थिरता और जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि भविष्य में भी हिमाचल की प्रबुद्ध जनता ही अंतिम और निर्णायक फैसला करेगी।


