हिमाचल: काॅलेज छात्रा की निर्मम हत्या, झाड़ियों में छिपा आरोपी ग्रामीणों ने धार दबोचा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, नशा मचा रहा तांडव और कानून व्यवस्था बेपटरी
सरकाघाट।
प्रदेश में मंडी जिला अंतर्गत गोपालपुर के बैंजी गांव में काॅलेज छात्रा की निर्मम हत्याकांड ने सोमवार को झकझोर कर रख दिया। कॉलेज छात्रा की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। छात्रा की हत्या के बाद स्थानीय लोग भड़क उठे हैं, देर रात तक क्षेत्र के आक्रोशित लोग धरने पर बैठे रहे और न्याय की मांग करते रहे। इस घटना से अभिभावकों में डर का माहौल है, खासकर बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
छात्रा की निर्मम हत्या के बाद आरोपी ने वहां से भागकर लोगों की आंखों में धूल झोंकने का पूरा प्रयास किया। अपनी पहचान छुपाने का आरोपी ने पूरा प्रबंध कर रखा था, लेकिन तीसरी आंख से वह नहीं बच पाया। साथ लगते एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में वह दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसको कुछ दूरी पर नगला नाले के निकट झाड़ियों के बीच से खोज निकाला।
घटना की सूचना मिलते बैंजी गांव छावनी में बदल गया। सरकाघाट के डीएसपी संजीव कुमार गौतम पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। जिला मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने पुलिस जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर मोर्चा संभाला। गुस्साए ग्रामीणों को शांत करवाकर करीब दो घंटे में आरोपी को भी काबू कर लिया।

खून से लथपथ बेटी का शव देख बेसुध हुई मां
घटना की सूचना मिलते ही मृतका की मां मौके पर पहुंची। खून से लथपथ बेटी का शव देखकर वह खुद को संभाल नहीं पाईं और बिलख-बिलख कर रोते हुए बेसुध हो गईं। मां की चीख पुकार से पूरा इलाका दहल उठा और वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। कुछ ही समय पहले बेटी हंसती-मुस्कराती घर से निकली थी। करीब 15-20 मिनट के भीतर खुशहाल माहौल मातम में बदल गया। घटना स्थल के आसपास खड़े लोग भी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर भावुक हो उठे। मृतक छात्रा के पिता बद्दी में ट्रक चालक हैं। बड़ी बहन अपने पिता के साथ बद्दी में ही नौकरी करती है। जबकि, छोटी बहन ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है। साधारण परिवार की इस होनहार बेटी की इस तरह हत्या से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
मासूम की हत्या से भड़का जनाक्रोश
जिले में आपराधिक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम सरकाघाट उपमंडल के गोपालपुर क्षेत्र के नैण गांव का है। यहां 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा के हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। छात्रा की हत्या के बाद स्थानीय लोग भड़क उठे हैं। अभिभावकों में भी डर का माहौल है, खासकर बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।
लगातार बढ़ रही घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यह पहली घटना नहीं है, बल्कि बीते कुछ माह में कई गंभीर वारदातें सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि जिले में अपराध की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
बैंजी गांव में दिनदहाड़े छात्रा की हत्या की घटना से क्षेत्र में दहशत है। घटनास्थल के आसपास महज 10 मीटर की दूरी पर आगे-पीछे आबादी होने के बावजूद इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नैण गांव के बलदेव चंद ने कहा कि इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब बच्चों को अकेले नहीं भेजा जा सकता है। अगर आबादी के बीच भी लोग सुरक्षित नहीं हैं तो हालात बेहद चिंताजनक हैं। रीनू देवी ने कहा कि अब बच्चों को स्कूल और कॉलेज भेजने में डर लगने लगा है। रूप लाल ने कहा कि महिलाओं के लिए भी हालात सुरक्षित नहीं रह गए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में गोशाला जाने या खेतों में काम करने में डर लगने लगा है। पंडित सतपाल ने कहा कि इस घटना के बाद लोग अकेले बाहर निकलने से भी कतराने लगे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, जिससे लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।

नशा मचा रहा तांडव, कानून व्यवस्था बेपटरी : जयराम ठाकुर
बेटी की निर्मम हत्या की सूचना मिलते ही अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बिटिया के परिजनों से मिलने नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकाघाट में जो घटना हुई है, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। घर से कुछ दूरी पर ही कॉलेज जा रही एक बिटिया की निर्मम हत्या प्रदेश में कानून व्यवस्था के पूरी तरह से ध्वस्त हो जाने का उदाहरण है। प्रदेश में अपराधी बेकाबू हैं। इस घटना ने न केवल पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है, बल्कि हर उस परिवार को डरा दिया है जिनकी बेटियां शिक्षा के लिए घर से बाहर निकलती हैं। जिस प्रदेश को हम सुरक्षित मानते थे, वहां अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? इस घटना में शामिल लोगों के इस जघन्य अपराध की ऐसी सज़ा मिलनी चाहिए जो भविष्य में उदाहरण बने, ताकि फिर कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए बिटिया की आत्मा की शांति और परिजनों को इस असह्य दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
जयराम ठाकुर ने परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मृतका के पिता और उनके साथ आए लोगों ने उन्हें घटनाक्रम से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि आज कहने के लिए शब्द नहीं हैं। संवेदनाएं जाहिर करने की भी हिम्मत नहीं है। बिटिया के पिता जी से नज़रें मिलाने का भी साहस नहीं हो रहा था। घर से हंसते-खेलते सुबह कॉलेज के लिए निकली बेटी के साथ यदि ऐसा कुछ हो जाए, तो उस पिता और परिजनों पर क्या बीतेगी, यह शब्दों में बयान नहीं हो सकता। हम परिवार के साथ हैं और बिटिया के न्याय के लिए जी-जान से लड़ेंगे। जितने भी लोग इसमें शामिल होंगे, सबको कानून का सामना करना पड़ेगा। बेहद भावुक होकर बिटिया के पिता जी ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि भविष्य में ऐसा किसी भी बेटी के साथ न हो। जयराम ठाकुर ने भावुक होते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया और हमेशा उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।



