मेजर आलोक जायसवाल ‘सेना पदक (वीरता)’ से सम्मानित
2024 को गंभीर खतरों के बावजूद सेना ने 48 घंटों तक रखी नियंत्रण रेखा पर कड़ी निगरानी
धर्मशाला/ जम्मू ।
जम्मू-कश्मीर अंतर्गत उधमपुर स्थित नॉर्दर्न कमांड मुख्यालय में शनिवार को नॉर्दर्न कमांड का अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह के दौरान कुल 92 पुरस्कारों से सेना के बहादुर सैनिकों को सम्मानित किया गया, जिनमें 51 व्यक्तिगत पुरस्कार और विभिन्न यूनिटों को दिए गए 41 पुरस्कार शामिल हैं। ये पुरस्कार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सहित सभी क्षेत्रों में उनके अनुकरणीय प्रदर्शन को मान्यता देने के लिए दिए गए। ये पुरस्कार नॉर्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा द्वारा प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के दौरान जयपुर (राजस्थान) के निवासी मेजर आलोक जायसवाल को ‘सेना पदक (वीरता)’ से सम्मानित किया गया। जानकारी के अनुसार इंटेलिजेंस कोर में सेवारत मेजर आलोक जायसवाल को एक मज़बूत खुफिया नेटवर्क विकसित करने और आतंकवाद-रोधी अभियानों तथा उच्च-जोखिम वाले मिशनों में उनकी अनुकरणीय भूमिका के लिए सम्मानित किया गया; जिसके परिणामस्वरूप कई आतंकवादियों को मार गिराया गया था।

आपको बताते चलें कि सेना के बहादुरों को सम्मानित करना न केवल उनके कार्यों को मान्यता देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सेवा में उत्कृष्टता की इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

22 जून 2024 को गंभीर खतरों के बावजूद सेना ने 48 घंटों तक नियंत्रण रेखा पर कड़ी निगरानी रखी और जैसे ही उन्हें आतंकवादी हमले होते दिखे, उन्होंने तुरंत घात लगाकर बैठे दस्ते को सतर्क कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, एक आतंकवादी मारा गया। इस कार्रवाई में एक AK-47 राइफल, एक विदेशी पिस्तौल और अन्य गोला-बारूद भी बरामद किया गया था। असाधारण वीरता, कौशल और साहस के लिए, मेजर आलोक जायसवाल को ‘सेना पदक’ से सम्मानित किया गया।


