हिमाचल BJP में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: बागियों पर गिरी गाज, पूर्व मेयर-डिप्टी मेयर समेत 6 निष्कासित
धर्मशाला से नाहन तक भाजपा की बड़ी कार्रवाई; बगावत करने वाले पूर्व मेयर और कई पदाधिकारी पार्टी से निलंबित
शिमला।
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासन का डंडा चलाते हुए बागी तेवर अपनाने वाले नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कड़ा रुख अपनाते हुए पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे 6 नेताओं को प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई की जद में धर्मशाला नगर निगम के पूर्व मेयर और पूर्व डिप्टी मेयर जैसे कद्दावर नाम भी शामिल हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर के अनुसार, चुनावों में अनुशासन बनाए रखने के लिए गठित विशेष समिति की सिफारिशों के बाद यह निर्णय लिया गया। समिति को जिला और मंडल स्तर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ कार्यकर्ता और पदाधिकारी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों को चुनौती देते हुए चुनावी मैदान में उतर गए हैं। समिति ने इन शिकायतों को ‘गंभीर अनुशासनहीनता’ की श्रेणी में रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष से सख्त एक्शन की अनुशंसा की थी।
पार्टी के संविधान का हवाला देते हुए डॉ. बिंदल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भाजपा के भीतर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। इस कार्रवाई ने चुनावी माहौल में उन कार्यकर्ताओं को भी सतर्क कर दिया है जो भीतरघात की फिराक में थे।
पार्टी द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्नलिखित नेताओं को निलंबित किया गया है:
1. ओंकार नैहरिया (पूर्व मेयर, धर्मशाला) : वार्ड नंबर 2 से बगावत।
2. तेजेन्द्र कौर (पूर्व डिप्टी मेयर, धर्मशाला) : वार्ड नंबर 6 से अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा।
3. हिमांशी अग्रवाल (सचिव, महिला मोर्चा, धर्मशाला) : वार्ड नंबर 1 से निर्दलीय चुनौती।
4. लीला सैनी (नगर परिषद नाहन) : वार्ड नंबर 3 से चुनावी मैदान में।
5. सरोज गुलेरिया (मंडल सचिव, धर्मशाला) : वार्ड नंबर 8 से बगावत।
6. मितुल शुक्ला (बूथ अध्यक्ष) : वार्ड नंबर 14 से पार्टी विरोधी गतिविधि।
भाजपा नेतृत्व के इस कड़े फैसले से स्पष्ट है कि आगामी चुनावों में पार्टी केवल एकजुटता और अनुशासन के दम पर ही मैदान में उतरेगी।


