कुदरत की खूबसूरती पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही, ‘टूरिज्म कैपिटल’ की राह में टूटी सड़कें!
पर्यटन राजधानी का सपना, मगर गड्ढों में फंसा सफर: कांगड़ा की बदहाल सड़कों पर उठने लगे सवाल
धर्मशाला।
हिमाचल सरकार कांगड़ा जिले को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में स्थापित करने के लिए बड़े स्तर पर प्रयासरत है। लेकिन, जमीनी हकीकत इन महत्वाकांक्षी दावों से मेल खाती नहीं दिखाई दे रही है। इंटरनेशनल टूरिस्ट मैप में अपना स्थान बना चुके धर्मशाला-मैक्लोडगंज जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रमुख मार्गों की बदहाल स्थिति और पर्यटन सीजन में घंटों तक लगने वाले ट्रैफिक जाम ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
देश के कोने-कोने से पर्यटक हिमाचल की वादियों और सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। हालांकि, उनकी यात्रा का अनुभव तब कड़वाहट में बदल जाता है जब उन्हें टूटी सड़कों और गहरे गड्ढों का सामना करना पड़ता है। पर्यटकों का कहना है कि वे यहां प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाने आते हैं, लेकिन अव्यवस्थित बुनियादी ढांचे के कारण उनका अधिकतर समय सड़कों पर ही बर्बाद हो रहा है।
सड़कों की इस दयनीय स्थिति पर जब हमने DC कांगड़ा हेमराज बैरवा से बात की तो उन्होंने कहा पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां और मानसून के दौरान होने वाले भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का मुख्य कारण हैं। उन्होंने तर्क दिया कि केवल कुछ मार्गों की स्थिति के आधार पर कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के विजन को कटघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता।
DC बैरवा ने स्वीकार किया कि कुछ प्रमुख हिस्सों में सड़क की मरम्मत की आवश्यकता है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि जिले की अधिकांश सड़कें बेहतर स्थिति में हैं और यातायात के लिए पूरी तरह सुचारू हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इन ‘चुनौतियों’ से पार पाकर पर्यटकों को एक सुखद और निर्बाध यात्रा का अनुभव प्रदान कर पाता है।
DC हेमराज बैरवा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में जुटी हैं। धर्मशाला बाईपास, मैक्लोडगंज रोड और अन्य प्रभावित हिस्सों में मरम्मत का कार्य चल रहा है। धर्मशाला-मैक्लोडगंज मार्ग पर अधिकांश क्षतिग्रस्त हिस्सों को बहाल किया जा चुका है और अब री-सर्फेसिंग (ब्लैक टॉपिंग) का कार्य शेष है। इसके पूरा होने के बाद सड़क पहले की तरह सुगम हो जाएगी। हालांकि, पर्यटन सीजन के बीच लगातार मिल रही पर्यटकों की शिकायतें यह संकेत दे रही हैं कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने के लक्ष्य के साथ-साथ सड़क अवसंरचना और ट्रैफिक प्रबंधन को भी प्राथमिकता देना आवश्यक होगा, ताकि पर्यटकों का अनुभव और अधिक बेहतर बनाया जा सके।


