ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट: ‘मौत’ के मंजर को देख सहमे ग्रामीण
बोह घाटी में मूसलाधार बारिश ने छीनी कई परिवारों की छत
धर्मशाला।
मौसम विभाग द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ के बीच मंगलवार को कांगड़ा जिले की बोह घाटी में प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया। घाटी में बादल फटने के बाद आए भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने सपैड़ा, गढ़गून और भंगार सहित आसपास के गांव में भारी तबाही मचाई है। मूसलाधार बारिश के साथ आए मलबे ने देखते ही देखते 15 से अधिक घरों, 9 गौशालाओं और एक प्राथमिक स्कूल को अपनी चपेट में ले लिया।

बाल-बाल बचीं कई जिंदगियां, पर मवेशियों का हुआ नुकसान
राहत की बात यह रही कि यह आपदा दिन के समय आई, जिससे लोगों को घरों से बाहर निकलने का पर्याप्त समय मिल गया और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, बड़ी संख्या में मवेशी मलबे में दबकर काल के गाल में समा गए। बचाव कार्य के दौरान ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मलबे में दबी एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

सहमे बच्चे, अनिश्चितता के साये में ग्रामीण
जब हमारी टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंची, तो वहां का मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाला था। स्थानीय निवासी भविष्य को लेकर बुरी तरह डरे हुए मिले। एक ग्रामीण महिला ने बताया, दिन तो काट लिया, पर रात की कोई गारंटी नहीं। अगर फिर बारिश हुई तो क्या होगा? हमने तो अपनी उम्र देख ली, पर इन नन्हें बच्चों का क्या होगा? मासूम बच्चों के चेहरों पर भी खौफ साफ देखने को मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सुबह करीब 10:30 बजे बादल फटा, तो आसमान में एक भीषण गर्जना हुई और देखते ही देखते खड्ड में कीचड़युक्त ‘काला पानी’ मौत बनकर दौड़ने लगा।

मुश्किलों से भरा रहा सफर
फ्लैश फ्लड की सूचना मिलते ही हमारी टीम (NCTV) सबसे पहले ग्राउंड जीरो यानि स्पैड़ा-गढ़गून गांव के लिए रवाना हुई। रास्ता अत्यंत दुर्गम और खतरनाक था। जगह-जगह हुए लैंडस्लाइड के कारण सड़कें अवरुद्ध थीं, जहां SDRF की टीम ने हमारी आगे बढ़ने में मदद की। प्रशासन के निर्देश पर SDM शाहपुर डॉ. गणेश ठाकुर, ASP कांगड़ा वीर बहादुर सहित विभिन्न विभागों की टीमें मौके पर डटी हुई थीं।

हमारी टीम ने भारी जोखिम उठाते हुए करीब 4 से 5 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया। कहीं घुटनों तक दलदल था, तो कहीं उफनती खड्ड। मलबे और दलदल के बीच पैर धंस रहे थे, लेकिन प्रभावितों का दर्द दिखाने का जज्बा हमें आगे ले गया। रिपोर्टिंग के दौरान ही एक विशाल चट्टान के खड्ड में गिरने से मौके पर मौजूद लोग सहम गए, जिससे खतरे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बाद हमने शुरू किया जोखिम भरा सफर। भारी बारिश से खड्ड में बह कर आए बड़े बड़े पत्थरों और खड्ड को पार कर हमें उस रास्ते पर पहुंचे जहां हमें बहुत सोच विचार कर पैर रखना पड़ रहा था। क्योंकि जैसे ही मिट्टी पर पैर रख रहे थे, हमारा पैर घुटने घुटने तक दलदल में फंस रहा था। घबराहट होने लगी, लेकिन बार-बार एक ही बात मन मष्तिष्क पर आ रही थी प्रभावित लोग किस हाल में होंगे। आप वीडियो में जो यह तबाही देख रहे हैं यह रोंगटे खड़े कर रही थी।

प्रशासनिक मुस्तैदी और अपील
जिला प्रशासन ने स्थिति पर पैनी नजर बना रखी है। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। उपायुक्त ने प्रभावितों को हर संभव सहायता और पुनर्वास का भरोसा दिलाया है।
पूरी घटना पर उपायुक्त हेमराज बैरवा ने क्या कहा आप भी सुनें।


