कांगड़ा से सुक्खू सरकार की विदाई का शंखनाद: भाजपा की एकजुटता ने दी 2027 के लिए बड़ी चुनौती
हिमाचल की राजनीति का 'पावर सेंटर' बना कांगड़ा: जिला परिषद में जीत के बाद अब 'मिशन 2027' पर भाजपा की नजर
धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश की सियासत के सबसे अहम गढ़, जिला कांगड़ा से भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता परिवर्तन का बड़ा उद्घोष कर दिया है। जिला परिषद के हालिया चुनाव में मिली शानदार जीत से उत्साहित भाजपा अब ‘मिशन 2027’ की ओर आक्रामक रणनीति के साथ बढ़ चुकी है। सोमवार को धर्मशाला में जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद जिले के तमाम दिग्गज नेताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सुक्खू सरकार के खिलाफ बड़ी चुनौती का शंखनाद कर दिया।
दिग्गजों का जमावड़ा और ‘मिशन 2027’ का संकल्प
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार, धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, जसवां परागपुर के विधायक व पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर, नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का सहित पूर्व मंत्री राकेश पठानिया, वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर और कई पूर्व विधायकों ने सामूहिक रूप से हुंकार भरी। नेताओं का स्पष्ट संदेश था कि 15 विधानसभा क्षेत्रों वाले इस बड़े जिले से ही प्रदेश में कांग्रेस की विदाई की पटकथा लिखी जाएगी।
माइक्रो-मैनेजमेंट और बूथ विजय का खाका
नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों में मिली प्रचंड जीत ने भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। पार्टी अब केवल रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘बूथ जीतेंगे तो चुनाव जीतेंगे’ के मंत्र पर काम कर रही है। बैठक में नेताओं ने रणनीति साझा करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी माइक्रो-मैनेजमेंट, बूथ-स्तर के सुदृढ़ीकरण और सीधे जनसंपर्क पर फोकस करेगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ‘बूथ पालक’ और ‘शक्ति केंद्र’ इस चुनावी महासंग्राम में रीढ़ की हड्डी साबित होंगे।
निजी हितों से ऊपर पार्टी की विचारधारा
मंच से सभी नेताओं ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को त्यागकर पार्टी की विचारधारा और विकास के संकल्प को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की विफलताओं और जनविरोधी नीतियों के कारण जनता त्रस्त है।
जीत का बिगुल: ‘सबका साथ, सबका विश्वास’
हिमाचल की सत्ता का रास्ता कांगड़ा से होकर गुजरता है, और जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की सीटों पर कब्जा करने के बाद भाजपा ने प्रदेश सरकार के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। भाजपा का दावा है कि 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का पूरी तरह सफाया हो जाएगा और प्रदेश में एक बार फिर सुशासन व विकास की सरकार लौटेगी। इस नई रणनीति और एकजुटता ने प्रदेश की राजनीतिक तपिश को बढ़ा दिया है।


