एक पुल ढहने से चार साल बंद रखा रेलवे ट्रैक : सुनील बरसैन
अंग्रेजों ने तीन साल में बनाई थी तीन किलोमीटर रेल लाइन
धर्मशाला।
कांगड़ा से जोगिंदरनगर रेलवे लाइन पर रेल सेवा जो पिछले चार सालों से एक पुल को गिरने की वजह से बंद पड़ी थी। सौ वर्ष पहले अंग्रेजों द्वारा मात्र तीन वर्ष में उस 164 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण कर दिया गया था। हालांकि उस समय इतनी आधुनिक तकनीक भी नहीं थी. परंतु विडंबना यह है कि आज के इस दौर में इतनी आधुनिक तकनीक होने के बावजूद भी, पिछले चार सालों से मात्र एक पुल के गिरने की वजह से यह पूरा 164 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक बंद पड़ा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुनील बरसेन ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा कि स्थानीय लोगों व रेलवे संघर्ष समिति के काफी प्रयासों के बाद, 11 अक्टूबर को रेलवे रूट को दोबारा से चालू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो दोबारा से रूट रेलवे विभाग द्वारा तय किए गए हैं, उसमें वहां के स्थानीय लोगों के हकों और हितों के साथ खिलवाड़ किया गया है।
बरसैन ने कहा कि रेलवे के जो नए रूट शुरू किए गए हैं, उसमें पहला रूट सुबह 5:00 बजे पठानकोट से बैजनाथ के लिए ट्रेन निकलेगी और दूसरा रूट सुबह 7:00 बजे पठानकोट से बैजनाथ के लिए निकलेगा। इन दोनों रूटों के बाद दिन भर कोई ट्रेन वहाँ से नहीं जाएगी। जब ये वापस आएंगी तो रात को 9:50 पर और 10:50 पर पठानकोट आएंगी। इसके बीच आप सोचिए कि पूरा रेलवे ट्रैक वहाँ पर सुनसान रहेगा।
सुनील बरसैन ने कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद से आग्रह किया है कि स्थानीय लोगों के हकों और हितों के साथ खिलवाड़ ना करें और उन्हें उनकी आजीविका का साधन मुहैया करवा दें।



