डॉ. निशा के. मेहरा : मेहनत, समर्पण, सफलता की प्रेरणादायक मिसाल
देवभूमि को इन नारी शक्ति पर नाज
धर्मशाला।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आज हम बात करने जा रहे हैं जिला हमीरपुर की निवासी डॉ. निशा के. मेहरा की। डॉ. निशा के. मेहरा वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के बागवानी विभाग में जिला कांगड़ा में उद्यान विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर उन्होंने एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
डॉ. मेहरा का संबंध एक साधारण परिवार से है। उनके पिता रक्षा सेवाओं में कार्यरत रहे हैं, जबकि उनके पति शिक्षा विभाग में टीजीटी के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। परिवार के संस्कारों और प्रेरणा ने ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान की। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद वर्ष 1999 में गुजरात के आनंद कृषि विश्वविद्यालय से बीएससी (एग्रीकल्चर) की डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के प्रति अपनी लगन को जारी रखते हुए उन्होंने कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नवसारी (गुजरात) से एमएससी (वेजिटेबल साइंस) की उपाधि प्राप्त की, जिसमें उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। आगे चलकर उन्होंने पीएच.डी. भी की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 1999 से 2000 तक एक आर्किटेक्चरल फर्म में लैंडस्केप डिज़ाइनर के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने कृषि क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं में परामर्शदाता (कंसल्टेंट) के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं और किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
वर्ष 2009 में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से उनका चयन उद्यान विकास अधिकारी के पद पर हुआ। इसके बाद उन्होंने हमीरपुर और नादौन ब्लॉक सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों, नई किस्मों और उन्नत बागवानी पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
व्यक्तिगत जीवन में भी डॉ. निशा के. मेहरा एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं। उनकी बड़ी बेटी वर्तमान में रूस से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, जबकि छोटी बेटी स्कूल में अध्ययनरत है।
डॉ. मेहरा का मानना है कि यदि व्यक्ति जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़े, तो कोई भी उपलब्धि असंभव नहीं रहती। वे यह भी मानती हैं कि सफलता की राह में संघर्ष और चुनौतियां जीवन का अभिन्न हिस्सा होती हैं, जिनसे गुजरकर ही व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।


