‘हिमाचल की बेटी की अमेरिका से वापसी और TB चैंपियंस का जज्बा कांगड़ा में छिड़ी जंग’
सभी चैंपियंस उत्साह के साथ उस 3 हजार लोगों की टीम का मेंबर हैं जो ...
अनिकेत/ धर्मशाला
मेरी थाली अलग कर दी थी….मेरा गिलास अलग कर दिया था… ये कहना है उन चैंपियंस का जिन्होंने टीबी के साथ एक लड़ाई लड़ी और इस लड़ाई में जीत हासिल की। लेकिन इस लड़ाई में इनका साथ दिया स्वास्थ्य विभाग ने। अब ये चैंपियंस एक अच्छा जीवन ही नहीं जी रहे बल्कि समाज को इस लड़ाई से लड़ने के लिए जागरूक कर रहे हैं। ये सभी चैंपियंस उत्साह के साथ उस 3 हजार लोगों की टीम का मेंबर हैं जो कांगड़ा जिला की लगभग 15 लाख की आबादी को टीबी को जड़ से समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विश्व टीबी दिवस के अवसर पर आज मंगलवार जोनल हॉस्पिटल धर्मशाला के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल की अध्यक्षता में टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के लॉन्च मौके पर मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वरिष्ठ पत्रकार नवनीत शर्मा ने कहा, सामुदायिक भागीदारी के बिना, शराब और धुएं से लड़े बिना यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा, इसलिए सभी अपना दायित्व समझें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ करोल ने बताया कि एआई आधारित आकलन के माध्यम से कांगड़ा जिला में 969 उच्च जोखिम वाले गांवों और वार्डों की पहचान की गई है, जहां लक्षित स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक संवेदनशील आबादी के 1 लाख 56 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि शेष लोगों की अभी जांच जारी है। सबसे अच्छी बात यह लगी कि जिले की 287 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। वर्तमान में जिले में 400 से अधिक टीबी चैंपियन सक्रिय रूप से जागरूकता फैलाने में योगदान दे रहे हैं।


